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IndiGo के शेयर 3% उछले, Q2 में घाटा बढ़ने के बावजूद आखिर क्यों हो रही है खरीदारी?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड November 06, 2025, 11:49 IST

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सारांश

IndiGo Share: इंडिगो ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 2582 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में यह नुकसान 986.7 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का नुकसान लगभग तीन गुना बढ़ गया। नुकसान बढ़ने की मुख्य वजह यह रही कि कंपनी के खर्चों में बढ़ोतरी उसकी आय की तुलना में ज्यादा रही।

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IndiGo share

IndiGo share: आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2.21 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation के शेयरों में आज 06 नवंबर को 3 फीसदी से अधिक की तेजी देखी गई। इस समय यह स्टॉक BSE पर 1.83 फीसदी बढ़कर 5740.70 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि FY26 की सितंबर तिमाही में कंपनी का घाटा बढ़ गया है। कंपनी ने इस दौरान ₹2581.7 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में ₹986.7 करोड़ का घाटा हुआ था। इसके बावजूद आज IndiGo के शेयरों में खरीदारी हो रही है। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2.21 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

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IndiGo के रेवेन्यू में उछाल

इंडिगो एयरलाइन ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 2582 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में यह नुकसान 986.7 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का नुकसान लगभग तीन गुना बढ़ गया। नुकसान बढ़ने की मुख्य वजह यह रही कि कंपनी के खर्चों में बढ़ोतरी उसकी आय की तुलना में ज्यादा रही। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स 9.3% बढ़कर ₹18555.3 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹16969.6 करोड़ था।

रुपये की कमजोरी ने डाला मुनाफे पर असर

इस नुकसान में डॉलर में होने वाली भविष्य की देनदारियों पर मुद्रा (रुपया) के उतार-चढ़ाव का बड़ा प्रभाव शामिल था। अगर इस करेंसी प्रभाव को हटाया जाए, तो कंपनी ने इस तिमाही में 104 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। पिछले साल इस आधार पर कंपनी को 754 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

इसका मतलब है कि कंपनी की उड़ानें और यात्री बढ़ रहे हैं, जिससे कमाई अच्छी हो रही है। लेकिन रुपये की कमजोरी के कारण विदेशी मुद्रा में होने वाले खर्च बहुत बढ़ गए, और इसी वजह से नेट नुकसान दिखा। अगर इस फॉरेक्स नुकसान को अलग कर दें, तो कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है और वह मुनाफे में है।

कंपनी की ऑपरेटिंग आय 9.3% बढ़कर 18,555.3 करोड़ रुपये हो गई, क्योंकि इस दौरान यात्री संख्या और टिकट कीमतों में सुधार हुआ। वहीं, कुल खर्च 18.3% बढ़कर 22,081.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान फॉरेक्स लॉस का रहा, जो 12 गुना बढ़कर 2,892 करोड़ रुपये हो गया।

एक्सपर्ट्स की राय

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिगो की विमान क्षमता FY26 में मिड-टीन स्तर (लगभग 14-16%) बढ़ने की उम्मीद है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों क्षेत्रों में मांग मजबूत बनी हुई है, कंपनी अंतरराष्ट्रीय रूट बढ़ाकर फॉरेक्स नुकसान के जोखिम को कम करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कंपनी की बिक्री FY25 से FY27 के बीच 12% CAGR की दर से बढ़ सकती है, लेकिन रुपये में गिरावट और ATF (एयर टर्बाइन फ्यूल) की कीमतों में उतार-चढ़ाव मुख्य जोखिम हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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