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Vardhman Textiles Q3: वर्धमान टेक्सटाइल्स के नतीजों में दिखा दबाव, रेवेन्यू बढ़ा पर मुनाफा 20% गिरा, जानें क्या रही बड़ी वजह?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड January 21, 2026, 13:16 IST

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सारांश

टेक्सटाइल सेक्टर की प्रमुख कंपनी वर्धमान टेक्सटाइल्स के मुनाफे में इस तिमाही गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड के तहत ₹24.79 करोड़ का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू स्थिर बना हुआ है। फिलहाल कंपनी अमेरिका में कपड़ों पर लगने वाले संभावित टैरिफ की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

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वर्धमान टेक्सटाइल्स के तीसरी तिमाही के नतीजों पर नए लेबर कोड और बढ़ते खर्चों का असर साफ दिखाई दे रहा है।

Vardhman Textiles Q3: टेक्सटाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड ने बुधवार को अपने तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। लुधियाना स्थित इस कंपनी के बोर्ड ने 21 जनवरी को हुई बैठक में दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के आंकड़ों को मंजूरी दी। कंपनी के नतीजों पर गौर करें तो इस बार रेवेन्यू यानी कमाई में तो मामूली सुधार हुआ है, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को झटका लगा है। सालाना आधार पर कंपनी के शुद्ध मुनाफे में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि बढ़ते खर्चों और नए नियमों के पालन की वजह से कंपनी की कमाई प्रभावित हुई है।

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समझिए रेवेन्यू और मुनाफे का पूरा लेखा-जोखा

दिसंबर तिमाही के दौरान वर्धमान टेक्सटाइल्स का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹2,505.31 करोड़ रहा है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,465.30 करोड़ था, जो दिखाता है कि कंपनी ने अपनी बिक्री को बरकरार रखा है। लेकिन मुनाफे की कहानी थोड़ी अलग है। इस तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा गिरकर ₹168.50 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹211.77 करोड़ था। कंपनी का कुल खर्च भी बढ़कर ₹2,365.50 करोड़ पर पहुंच गया है। मुनाफे में आई इस कमी का सीधा असर कंपनी के प्रति शेयर आय यानी ईपीएस पर भी पड़ा है, जो ₹7.40 से घटकर ₹5.85 रह गई है।

EBIDTA और मार्जिन पर खर्चों का बोझ

कंपनी के कामकाजी मुनाफे यानी EBIDTA की बात करें तो यह लगभग ₹358.16 करोड़ के आसपास रहा है। कंपनी का EBIDTA मार्जिन करीब 14.3 प्रतिशत दर्ज किया गया है। मार्जिन में आई इस सुस्ती की बड़ी वजह कर्मचारियों पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी और कच्चे माल की लागत है। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के नौ महीनों के दौरान डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन खर्च भी बढ़कर ₹341.89 करोड़ हो गया है। इसके अलावा कंपनी को वित्त लागत यानी ब्याज के तौर पर भी ₹26.21 करोड़ का भुगतान करना पड़ा है, जिसने मुनाफे को और कम करने का काम किया है।

नए लेबर कोड और अमेरिकी टैरिफ का असर

वर्धमान टेक्सटाइल्स के नतीजों में एक महत्वपूर्ण जानकारी नए लेबर कोड को लेकर दी गई है। भारत सरकार द्वारा अधिसूचित नए लेबर कोड के प्रावधानों के चलते कंपनी को पिछली सेवाओं की लागत के रूप में ₹24.79 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान करना पड़ा है। इस राशि को कर्मचारी लाभ खर्च में शामिल किया गया है, जिससे मुनाफे पर सीधा दबाव पड़ा। दूसरी तरफ, कंपनी अमेरिकी सरकार द्वारा कपड़ों के आयात पर लगाए जा रहे टैरिफ को लेकर भी सतर्क है। कंपनी का कहना है कि हालांकि उसका अमेरिका में सीधा एक्सपोर्ट सीमित है, लेकिन वह अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी ब्रांड्स को सेवाएं देती है। कंपनी भविष्य की स्थितियों को देखते हुए अपनी रणनीतियों में बदलाव के लिए तैयार है।

कंपनी के बिजनेस सेगमेंट को देखें तो टेक्सटाइल यूनिट (धागा और कपड़े) से मुख्य रूप से ₹2,451.91 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ है। वहीं कंपनी के एक्रिलिक फाइबर बिजनेस ने इस तिमाही में ₹76.28 करोड़ का योगदान दिया है। टेक्सटाइल सेगमेंट के नतीजे पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहे हैं, लेकिन फाइबर सेगमेंट के रेवेन्यू में मामूली गिरावट देखी गई है। कंपनी ने इस तिमाही के दौरान कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOP) के तहत 10,000 नए इक्विटी शेयर भी जारी किए हैं। आने वाले समय में कंपनी अपनी लागत को नियंत्रित करने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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