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Suraksha Diagnostic IPO है लॉन्च के लिए तैयार, इशू डेट, प्राइस बैंड से लेकर लॉट साइज, जानें सब

Upstox

5 min read | अपडेटेड November 26, 2024, 16:12 IST

सारांश

Suraksha Diagnostic IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) की कीमत 846.25 करोड़ रुपये है। पब्लिक इश्यू में केवल 1.92 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) कंपोनेंट शामिल है। प्राइस बैंड 420 से 441 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

420 से 441 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है प्राइस बैंड

420 से 441 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है प्राइस बैंड

Suraksha Diagnostic IPO 29 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी का टारगेट अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर के जरिए 846.25 करोड़ रुपये जुटाने का है। सब्सक्रिप्शन विंडो खुलने से पहले, Suraksha Diagnostic IPO के बारे में वह सभी बातें जान लेते हैं, जो आपके काम आ सकती हैं-

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Suraksha Diagnostic IPO- प्राइस बैंड, इश्यू साइज और लॉट साइज

Suraksha Diagnostic IPO में केवल 1.92 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) कंपोनेंट शामिल है। Suraksha Diagnostic IPO का प्राइस बैंड 420 से 441 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। रिटेल इन्वेस्टर्स मिनिमम 34 शेयरों के सिंगल लॉट साइज के लिए बोली लगाकर, कुल मिलाकर 14,994 रुपये के इन्वेस्टमेंट के साथ इश्यू के लिए अप्लाई कर सकते हैं। छोटे नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (sNII) के लिए मिनिमम लॉट साइज 14 लॉट या 476 शेयर है, जो कि 2,06,388 रुपये के इन्वेस्टमेंट के बराबर है। बड़े नॉन इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (bNIIs) के लिए लॉट साइज 67 लॉट या 2,278 शेयर है, जो मिनिमम इन्वेस्टमेंट 10,04,598 रुपये के बराबर है।

Suraksha Diagnostic ने क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की कैटेगरी के लिए नेट ऑफर साइज का 50 फीसदी रिजर्व किया है। कंपनी ने रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स के लिए नेट इश्यू का 35 फीसदी और नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स कैटेगरी के लिए 15 फीसदी रिजर्व रखा है।

Suraksha Diagnostic IPO की डेट्स

Suraksha Diagnostic IPO 29 नवंबर से 3 दिसंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। Suraksha Diagnostic IPO शेयर एलॉटमेंट स्थिति को 4 दिसंबर को अंतिम रूप दिया जाएगा। शेयरों के एलॉटमेंट के बाद, जिनकी बिडिंग सक्सेसफुल नहीं होगी, उनका रिफंड 5 दिसंबर को शुरू कर दिया जाएगा और सफल बिडर्स को उनके डीमैट अकाउंट में Suraksha Diagnostic के शेयर मिल जाएंगे। उसी दिन, Suraksha Diagnostic के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होंगे। Suraksha Diagnostic शेयरों की टेंटेटिव लिस्टिंग डेट 6 दिसंबर तय की गई है।

Suraksha Diagnostic IPO: क्या है फाइनेंशियल स्थिति और कौन है मुकाबले में

FY25 के जून क्वार्टर में Suraksha Diagnostic का रेवेन्यू 61.85 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने Q1FY25 में 7.67 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। जून क्वार्टर के अंत में कंपनी की नेट वर्थ 187.05 करोड़ रुपये थी। फाइनेंशियल ईयर 2023 में 193.69 करोड़ रुपये के मुकाबले फाइनेंशियल ईयर 2024 में रेवेन्यू 14 फीसदी से अधिक बढ़कर 222.26 करोड़ रुपये हो गया। फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 281 फीसदी बढ़कर 23.13 करोड़ रुपये हो गया, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2023 में यह 6.07 करोड़ रुपये था। फाइनेंशियल ईयर 2023 में नेट वर्थ 155.93 करोड़ रुपये से 15 फीसदी बढ़कर 179.41 करोड़ रुपये हो गई।

Suraksha Clinic and Diagnostic अन्य डायग्नोस्टिक चेन जैसे विजया डायग्नोस्टिक सेंटर लिमिटेड, एगिलस डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड, डॉ. लाल पैथलैब्स लिमिटेड, मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड और थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ मुकाबला करता है। कंपनी छोटी और इंडिपेंडेंट क्लिनिकल और शारीरिक प्रयोगशालाओं के साथ-साथ हॉस्पिटल और डॉक्टरों की ओनरशिप वाली प्रयोगशालाओं के साथ भी मुकाबला करती है, जिसमें स्टैंडअलोन और रीजनल प्लेयर्स भी शामिल हैं।

Suraksha Diagnostic का ऐसा है बिजनेस मॉडल

Suraksha Clinic and Diagnostic पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी टेस्ट के लिए वन-स्टॉप इंटिग्रेटेड सॉल्यूशन देता है। कंपनी अपने ऑपरेशनल नेटवर्क के जरिए अपने कस्टमर्स को मेडिकल कंसल्टेशन सर्विसेज भी देती है। 30 जून, 2024 तक, कंपनी के ऑपरेशनल नेटवर्क में इसकी फ्लैगशिप सेंट्रल रिफ्रेंस लेबोरेटरी, 8 सैटेलाइट लेबोरेटरी और 215 कस्टमर टचपॉइंट्स हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल, बिहार, असम और मेघालय में 49 डायग्नोस्टिक सेंटर और 166 सैंपल कलेक्शन सेंटर शामिल हैं।

Suraksha Diagnostic IPO: कुछ खतरे और रिस्क भी हैं

Suraksha Clinic and Diagnostic ने अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक फाइनेंशियल ईयर 2024 में ऑपरेशन से उसका 95.48% रेवेन्यू पश्चिम बंगाल से आया था। कंपनी ने कहा कि रीजन में कारोबार का कोई भी नुकसान उसके कारोबार पर नेगेटिव असर डाल सकता है।

भारत में डायग्नोस्टिक्स इंडस्ट्री काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धी है और हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइडर के साथ प्रतिस्पर्धा करने में कंपनी की असमर्थता उसके बिजनेस पर उल्टा असर डाल सकती है।

कंपनी ऑपरेशनल, प्रतिष्ठित, मेडिकल और लीगल क्लेम, रेगुलेटरी एक्शन्स और बाकी हेल्थकेयर सर्विस के प्रावधान से पैदा होने वाली अन्य देनदारियों के अधीन है।

डायग्नोस्टिक सर्विस देने में हमारा बिजनेस इनफॉर्मेशन टेक्नॉलजी सिस्टम और थर्ड-पार्टी प्लैटफॉर्म्स पर निर्भर करता है, और थर्ड पार्टी के स्टेज में कोई भी बाधा उसके बिजनेस पर उल्टा प्रभाव डाल सकता है।

Suraksha Diagnostic IPO: ये हैं ताकत

सुरक्षा डायग्नोस्टिक के पास प्रॉफिट देने और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का ट्रैक रिकॉर्ड है।

कंपनी वन-स्टॉप सॉल्यूशन के साथ एक इंटिग्रेटेड डायग्नोस्टिक्स प्रोवाइडर है जो पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी टेस्ट और मेडिकल कंसल्टेंसी सर्विसेज देती है जो 2,300 से अधिक टेस्ट की पेशकश करती है जो कई रेंज और स्पेशियैलिटी को कवर करती हैं।

कंपनी की मैनेजमेंट टीम के पास इस इंडस्ट्री का अनुभव है क्योंकि इसकी अगुवाई अनुभवी प्रोफेशनल्स की एक टीम करती है।

अपने आरएचपी में, कंपनी ने दावा किया कि उसके पास तकनीकी रूप से एडवांस क्लिनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर है और ट्रेन्ड लोग हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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