मार्केट न्यूज़
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3 min read | अपडेटेड July 06, 2025, 20:07 IST
सारांश
अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड वार्ता के नतीजे से लेकर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के तिमाही के नतीजे कुछ ऐसे फैक्टर्स होंगे, जो शेयर मार्केट की चाल तय करने में अहम रोल निभा सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित जवाबी टैरिफ के निलंबन की 90 दिन की अवधि 9 जुलाई को खत्म हो रही है।

शेयर मार्केट की चाल
7 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में शेयर मार्केट की चाल कैसी होगी? दो दिन की छुट्टी के बाद जब स्टॉक मार्केट खुलेगा, तो शेयर मार्केट की दिशा तय करने में कुछ फैक्टर्स का रोल बहुत अहम हो सकता है। अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड वार्ता के नतीजे से लेकर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के तिमाही के नतीजे कुछ ऐसे फैक्टर्स होंगे, जो शेयर मार्केट की चाल तय करने में अहम रोल निभा सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित जवाबी टैरिफ के निलंबन की 90 दिन की अवधि 9 जुलाई को खत्म हो रही है। ऐसे में अगर वार्ता के नतीजे पॉजिटिव रहते हैं, तो शेयर मार्केट को मजबूती मिल सकती है, ऐसा विश्लेषकों को मानना है।
उनका कहना है कि इसके अलावा आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी टीसीएस के तिमाही नतीजे और विदेशी कोषों का प्रवाह भी शेयर मार्केट की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। इस सप्ताह 9 जुलाई को भारत सहित दर्जनों देशों पर अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए जवाबी टैरिफ के निलंबन की 90 दिन की अवधि खत्म हो रही है। अमेरिका ने भारतीय प्रोडक्ट्स पर 26% का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था, जिसे बाद में 90 दिन के लिए रोक दिया गया। रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘यह सप्ताह न केवल भारतीय, बल्कि ग्लोबल बाजारों के लिए भी महत्वपूर्ण है। सबसे अधिक महत्वपूर्ण घटनाक्रम 9 जुलाई की जवाबी टैरिफ निलंबन की समयसीमा की समाप्ति है। इससे ग्लोबल ट्रेड के भविष्य को आकार मिलेगा। निवेशक उसी दिन फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के बैठक के ब्योरे का भी इंतजार करेंगे।’
घरेलू स्तर पर निवेशकों की निगाह आईटी कंपनी टीसीएस और रिटेल सेक्टर की दिग्गज एवेन्यू सुपरमार्ट्स के तिमाही नतीजों पर रहेगी। इसके अलावा कई अन्य कंपनियों के भी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे आएंगे। साथ ही ब्रेंट कच्चे तेल के दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता के पॉजिटिव रिजल्ट बाजार की धारणा को और बेहतर बना सकते हैं। इससे खासकर आईटी, फार्मा और वाहन जैसे व्यापार-संवेदनशील क्षेत्रों को फायदा पहुंच सकता है।’
पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 626.01 पॉइंट्स या 0.74% नीचे आया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में 176.8 पॉइंट्स या 0.68% की गिरावट आई। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख-संपदा प्रबंधन सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘कुल मिलाकर, हमें उम्मीद है कि भारत-अमेरिका व्यापार पर स्पष्टता की लेकर बाजार में सुस्ती रहेगी। वहीं इस सप्ताह से शुरू होने वाले तिमाही नतीजों के सत्र से शेयर विशेष गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।’
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लिवाली गतिविधियां दो चीजों पर निर्भर करेंगी। एक, अगर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होता है तो यह बाजारों और एफआईआई प्रवाह के लिए पॉजिटिव होगा। दूसरा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे। अगर कंपनियों के तिमाही नतीजे सकारात्मक रहते हैं तो इससे बाजार की धारणा बेहतर होगी।’
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