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Textile stocks: US-Bangladesh डील से क्यों सहमे Gokaldas Exports समेत कई शेयर, आखिर इस डील में ऐसा क्या है?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 10, 2026, 11:16 IST

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सारांश

Textile stocks: भारत अब तक बांग्लादेश को कपास और यार्न (धागा) सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश रहा है। बांग्लादेश अपने गारमेंट उद्योग के लिए कच्चा माल बड़े पैमाने पर आयात करता है। अगर बांग्लादेश की फैक्ट्रियां अमेरिका से आई कपास का इस्तेमाल बढ़ाती हैं ताकि जीरो टैरिफ का फायदा मिले, तो इससे भारतीय कपास और यार्न की मांग थोड़ी कम हो सकती है।

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Textile stocks

Textile stocks: India-US ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने पर सहमति दी है।

Textile stocks: टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 10 फरवरी को जमकर बिकवाली हो रही है। आज के कारोबार में Gokaldas Exports के शेयर 5% से ज्यादा टूट गए। इसके अलावा KPR Mill और Arvind में भी 4% से ज्यादा की गिरावट देखी गई। Pearl Global Industries में करीब 3.5% की गिरावट आई। बता दें कि India और US के बीच अंतरिम ट्रेड डील के चलते पिछले कुछ दिनों में इन शेयरों में शानदार तेजी देखी गई थी। हालांकि अब इन शेयरों ने यू-टर्न ले लिया है। आइए समझते हैं इस यू-टर्न की क्या है वजह।
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अमेरिका-बांग्लादेश डील ने बिगाड़ा खेल

असल वजह है अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुआ नया ट्रेड एग्रीमेंट। इस समझौते के तहत अमेरिका ने यह मान लिया है कि बांग्लादेश से आने वाले कुछ कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट प्रोडक्ट्स पर जीरो टैरिफ (0% टैक्स) लगाया जाएगा। यानी तय मात्रा तक बांग्लादेशी कपड़े अमेरिका बिना किसी टैक्स के एक्सपोर्ट कर पाएंगे।

इस डील में एक खास मैकेनिज्म बनाया जाएगा, जिसके तहत बांग्लादेश को उतनी ही मात्रा में जीरो टैरिफ एक्सपोर्ट की इजाजत मिलेगी, जितनी मात्रा में वह अमेरिका से कपास और मैन-मेड फाइबर जैसे टेक्सटाइल इनपुट खरीदेगा। यानी अमेरिका अपने कच्चे माल की बिक्री भी बढ़ाना चाहता है।

भारत को झटका क्यों लगा?

India-US ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने पर सहमति दी है। यह भारत के लिए अच्छी खबर थी, लेकिन अब समस्या यह है कि बांग्लादेश को कुछ प्रोडक्ट्स पर 0% टैरिफ मिलेगा। ऐसे में अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों को बांग्लादेश से कड़ी प्रतिस्पर्धा झेलनी पड़ेगी।

इसका मतलब है कि भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर अमेरिका ने 18 परसेंट का टैरिफ लगाया है। वहीं बांग्लादेश के कुल एक्सपोर्ट पर 19 परसेंट का टैरिफ है, लेकिन कुछ कपड़ा प्रोडक्ट्स पर बांग्लादेश को 0% टैरिफ की राहत दी गई है। यही वजह है कि निवेशकों को डर है कि ऑर्डर बांग्लादेश शिफ्ट हो सकते हैं, जिससे भारतीय कंपनियों की कमाई पर असर पड़ेगा।

भारत अब तक बांग्लादेश को कपास और यार्न (धागा) सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश रहा है। बांग्लादेश अपने गारमेंट उद्योग के लिए कच्चा माल बड़े पैमाने पर आयात करता है। अगर बांग्लादेश की फैक्ट्रियां अमेरिका से आई कपास का इस्तेमाल बढ़ाती हैं ताकि जीरो टैरिफ का फायदा मिले, तो इससे भारतीय कपास और यार्न की मांग थोड़ी कम हो सकती है।

India-US ट्रेड डील फ्रेमवर्क क्या है?

6 फरवरी को भारत और अमेरिका ने एक इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट का फ्रेमवर्क जारी किया। इसमें कहा गया है कि यह समझौता आगे चलकर फुल भारत-अमेरिका बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) का रास्ता खोलेगा, जिसकी शुरुआत 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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