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Swaraj Engines Q3 Results: स्वराज इंजन का रिकॉर्ड तोड़ सेल, दिसंबर तिमाही में 31.8% बढ़ा कंपनी का मुनाफा

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड January 15, 2026, 14:05 IST

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सारांश

स्वराज इंजन ने दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस दौरान रिकॉर्ड 47,563 इंजन बेचकर अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया है। कंपनी का शुद्ध लाभ यानी पीएटी (PAT) भी पिछले साल के मुकाबले 31.8 प्रतिशत बढ़कर 42.10 करोड़ रुपये हो गया है।

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स्वराज इंजन ने तीसरी तिमाही में इंजनों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है।

इंजन बनाने वाली कंपनी स्वराज इंजन ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही ऐतिहासिक साबित हुई है क्योंकि उसने बिक्री और मुनाफे के मामले में अब तक के अपने सबसे बेहतरीन आंकड़े पेश किए हैं। इंजनों की मजबूत और लगातार बनी हुई मांग की वजह से कंपनी ने विकास की नई ऊंचाईयों को छुआ है। बाजार में स्वराज के इंजनों की बढ़ती लोकप्रियता ने कंपनी को इस मुकाम तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

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इंजन बिक्री का बनाया रिकॉर्ड

दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही के दौरान स्वराज इंजन ने बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने इस तिमाही में कुल 47,563 इंजनों की बिक्री की है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से की जाए तो यह आंकड़ा बहुत बड़ा नजर आता है। पिछले साल इसी दौरान कंपनी ने 34,415 इंजनों की बिक्री की थी। बिक्री में आई इस भारी तेजी से यह साफ हो गया है कि कंपनी के इंजनों पर ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इंजनों की मांग में आई इस मजबूती ने कंपनी के पूरे कारोबार को एक नई गति दी है।

कमाई और मुनाफे के आंकड़ों में भारी बढ़ोतरी

सिर्फ बिक्री ही नहीं बल्कि कमाई के मामले में भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। स्वराज इंजन ने इस तिमाही में अपना अब तक का सबसे अधिक नेट ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया है। यह पिछले साल के 345.50 करोड़ रुपये के मुकाबले 37 प्रतिशत बढ़कर 473.20 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी की आय में हुई यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर इंजनों की अधिक बिक्री का परिणाम है। कंपनी अपनी कार्यकुशलता और बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करने में सफल रही है।

मुनाफे की बात करें तो टैक्स से पहले का मुनाफा यानी PBT 59.87 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के 42.82 करोड़ रुपये से 39.8 प्रतिशत अधिक है। हालांकि इस तिमाही में कंपनी पर नए लेबर कोड के लागू होने का भी असर पड़ा है। इसके कारण ग्रेच्युटी के प्रावधानों में हुए बदलाव की वजह से कुछ अतिरिक्त खर्च बढ़े हैं। इन अपवाद स्वरूप खर्चों को शामिल करने के बाद कंपनी का टैक्स से पहले का मुनाफा यानी PBT 56.47 करोड़ रुपये रहा।

नेट प्रॉफिट में 31 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल

तमाम खर्चों और टैक्स के भुगतान के बाद कंपनी का शुद्ध लाभ यानी पीएटी (PAT) 42.10 करोड़ रुपये रहा है। यह पिछले साल की तीसरी तिमाही के 31.95 करोड़ रुपये के मुनाफे के मुकाबले 31.8 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। कंपनी का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसने बढ़ती लागत और नए नियमों के बीच भी अपने मुनाफे की रफ्तार को कम नहीं होने दिया। स्वराज इंजन के ये नतीजे बताते हैं कि कंपनी न केवल अपना उत्पादन बढ़ा रही है बल्कि वह अपने खर्चों और मुनाफे के बीच भी एक बेहतरीन संतुलन बनाकर चल रही है। आने वाले समय में इंजनों की मांग और बढ़ने की उम्मीद है जिससे कंपनी को और फायदा मिल सकता है।

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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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