मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड February 13, 2026, 15:46 IST
सारांश
हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी और निफ्टी 25,500 के नीचे फिसल गया। मेटल और आईटी शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.7 पर्सेंट से ज्यादा टूटे। ग्लोबल मार्केट के कमजोर संकेतों और एआई के डर ने निवेशकों का भरोसा तोड़ दिया, जिससे बाजार में भारी भगदड़ मच गई।

भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार
भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का दिन किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में जबरदस्त बिकवाली का माहौल बना रहा, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख इंडेक्स 1 पर्सेंट से ज्यादा टूटकर बंद हुए। दिन खत्म होते-होते सेंसेक्स 1048.27 पॉइंट की भारी गिरावट के साथ 82,626.65 के लेवल पर आ गया। वहीं, निफ्टी में भी 335.80 पॉइंट की बड़ी कमजोरी देखी गई और यह 25,471.40 के लेवल पर बंद हुआ। ट्रेड डील के बाद यह पहला मौका है जब बाजार में एक ही दिन में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले एक हफ्ते में बाजार ने जितनी बढ़त बनाई थी, आज की बिकवाली ने उस पूरी बढ़त पर पानी फेर दिया है।
बाजार को नीचे खींचने में सबसे बड़ा हाथ मेटल और रियल्टी सेक्टर का रहा। मेटल इंडेक्स में आज 3.31 पर्सेंट की भारी गिरावट देखी गई, जो सभी सेक्टर्स में सबसे ज्यादा थी। हिंडाल्को के खराब नतीजों ने इस पूरे सेक्टर का मूड बिगाड़ दिया। इसके अलावा रियल्टी इंडेक्स भी 2.23 पर्सेंट तक लुढ़क गया। एफएमसीजी सेक्टर में 1.90 पर्सेंट और आईटी सेक्टर में 1.44 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंक जैसे महत्वपूर्ण इंडेक्स भी करीब 1 पर्सेंट की कमजोरी के साथ बंद हुए। बाजार में छाई इस निराशा की वजह से निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।
बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटे और मंझोले शेयरों में भी आज जमकर बिकवाली हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.71 पर्सेंट गिरकर 59,438 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.79 पर्सेंट की बड़ी गिरावट देखी गई। निफ्टी 500 इंडेक्स भी 1.43 पर्सेंट टूटकर बंद हुआ। बाजार का हाल इतना खराब था कि बिकवाली की लहर हर तरफ नजर आई। छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो में शामिल स्मॉलकैप 50 इंडेक्स में भी 1.88 पर्सेंट की कमजोरी दर्ज की गई, जो बाजार में मची भगदड़ को साफ दर्शाता है।
शेयर बाजार में अनिश्चितता और जोखिम को मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' (India VIX) आज 13.36 पर्सेंट की भारी बढ़त के साथ 13.29 पर पहुंच गया। विक्स में इतना बड़ा उछाल इस बात का संकेत है कि निवेशकों के मन में डर और अनिश्चितता बहुत बढ़ गई है। जब भी इंडिया विक्स में तेजी आती है, तो बाजार में डर का माहौल बनता है और निवेशक सावधानी बरतने लगते हैं। इसके साथ ही डॉलर की मजबूती की वजह से भारतीय रुपया भी कमजोर होकर 90.69 के लेवल पर आ गया, जिसने बाजार पर दोहरा दबाव बनाने का काम किया।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई कारण एक साथ सक्रिय रहे। आईटी सेक्टर में एआई (AI) आधारित ऑटोमेशन के चलते पुरानी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर खतरे की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया है। वहीं, अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की मंदी और ब्याज दरों में कटौती की कम होती उम्मीदों ने ग्लोबल सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया। हिंडाल्को जैसी बड़ी कंपनी के नेट प्रॉफिट में 45 पर्सेंट की कमी ने मेटल सेक्टर को डुबो दिया। फिलहाल बाजार एक बहुत ही नाजुक मोड़ पर खड़ा है और आने वाले दिनों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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