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  1. दूर हुआ बजट के दिन बाजार खुलने को लेकर कंफ्यूजन, रविवार की वजह से निवेशकों के मन में खड़ा हो रहा था सवाल

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दूर हुआ बजट के दिन बाजार खुलने को लेकर कंफ्यूजन, रविवार की वजह से निवेशकों के मन में खड़ा हो रहा था सवाल

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 18, 2026, 13:55 IST

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सारांश

बजट 2026 को लेकर निवेशकों के मन में चल रहा संशय अब खत्म हो गया है। 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार में सामान्य ट्रेडिंग होगी। एनएसई और बीएसई ने सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि बजट वाले दिन सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक बाजार खुला रहेगा।

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बजट के दिन शेयर बाजार में होने वाली हलचल पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

इस साल 1 फरवरी को बजट के दिन शेयर बाजार में छुट्टी नहीं होगी। आमतौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है, लेकिन बजट को देखते हुए इस बार रविवार होने के बावजूद बाजार में सामान्य रूप से कामकाज होगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने 16 जनवरी को इस संबंध में आधिकारिक घोषणा कर दी है। एक्सचेंज द्वारा जारी सर्कुलर में बताया गया है कि बजट वाले दिन बाजार सुबह 9:15 बजे खुलेगा और दोपहर 3:30 बजे बंद होगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि बजट घोषणाओं पर बाजार अपनी तुरंत प्रतिक्रिया दे सके और निवेशकों को सौदे करने में कोई परेशानी न हो।

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छुट्टी के दिन भी होगी सामान्य ट्रेडिंग

शेयर बाजारों ने स्पष्ट किया है कि 1 फरवरी 2026 को ट्रेडिंग का समय बिल्कुल सामान्य दिनों की तरह ही रहेगा। लोकसभा अध्यक्ष ने पहले ही इस बात की पुष्टि कर दी है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू करेंगी। पिछले कुछ सालों से 1 फरवरी को ही बजट पेश करने की परंपरा बन गई है। इससे पहले भी कई बार बजट के कारण शनिवार को बाजार खोले गए हैं। साल 2025 और 2020 में भी 1 फरवरी को शनिवार था और तब भी बाजार में ट्रेडिंग हुई थी। इसी तरह साल 2015 में भी 28 फरवरी को शनिवार होने के बाद भी बाजार खुला रखा गया था।

वित्त मंत्री का ऐतिहासिक नौवां बजट

यह बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए बेहद खास होने वाला है। यह उनका लगातार नौवां केंद्रीय बजट होगा, जो किसी भी वित्त मंत्री के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्रालय द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण यानी इकोनॉमिक सर्वे भी जारी किया जाएगा। इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंता नागेश्वरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रेस को संबोधित करेंगे। आर्थिक मामलों का विभाग पिछले कई महीनों से इस बड़े दस्तावेज को तैयार करने में जुटा हुआ है। बजट के माध्यम से सरकार अपने आने वाले साल के खर्चों और कमाई का पूरा ब्योरा जनता के सामने रखती है और नई योजनाओं की घोषणा करती है।

जैसे-जैसे बजट की तारीख करीब आ रही है, निवेशकों और टैक्स जानकारों की उम्मीदें भी बढ़ती जा रही हैं। बाजार के खिलाड़ी इस बार कैपिटल गेन्स टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। निवेशकों की मुख्य मांग लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स यानी एलटीसीजी की दर में कमी और सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स को कम करने की है। इसके अलावा, लोग चाहते हैं कि टैक्स में छूट की सीमा बढ़ाई जाए और इंडेक्सेशन के फायदों को दोबारा बहाल किया जाए। शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि ऊंचे टैक्स की वजह से निवेशकों का मनोबल टूटता है और वे लंबी अवधि के निवेश से कतराते हैं।

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टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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