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South Indian Bank Q3: 374 करोड़ के पार पहुंचा बैंक का मुनाफा, एसेट क्वालिटी में दिखा सुधार

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड January 15, 2026, 16:14 IST

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सारांश

साउथ इंडियन बैंक के लिए दिसंबर 2025 की तिमाही ऐतिहासिक रही है। बैंक की एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार हुआ है और उसका नेट NPA अब घटकर केवल 0.45 प्रतिशत रह गया है। रिटेल डिपॉजिट और कासा (CASA) में हुई बढ़ोतरी ने बैंक की वित्तीय स्थिति को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बना दिया है।

The South Indian Bank q3 results

South Indian Bank के गोल्ड लोन और सेविंग्स में जबरदस्त उछाल

दक्षिण भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल साउथ इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक के लिए यह तिमाही हर मोर्चे पर कामयाबी लेकर आई है। बैंक ने न केवल अपने शुद्ध मुनाफे में बढ़ोतरी की है, बल्कि अपनी एसेट क्वालिटी में भी सुधार किया है।

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कमाई में दिखा जोरदार उछाल

दिसंबर 2025 को समाप्त हुई इस तिमाही में साउथ इंडियन बैंक का शुद्ध मुनाफा 374.32 करोड़ रुपये रहा है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से करें, तो तब बैंक ने 341.87 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह बैंक के शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। केवल तिमाही ही नहीं, बल्कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में भी बैंक ने 1047.64 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बैंक की बिना ब्याज वाली आय यानी नॉन-इंटरेस्ट इनकम में भी 19 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया है, जो अब बढ़कर 485.93 करोड़ रुपये हो गई है।

फंसे हुए कर्ज में आई भारी गिरावट

बैंक के लिए सबसे राहत की बात उसके फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए (NPA) के आंकड़ों में आई कमी है। बैंक का ग्रॉस एनपीए सालाना आधार पर 4.30 प्रतिशत से घटकर अब मात्र 2.67 प्रतिशत रह गया है। इसी तरह नेट एनपीए में भी बड़ी गिरावट देखी गई है और यह 1.25 प्रतिशत से गिरकर केवल 0.45 प्रतिशत पर आ गया है। बैंक ने अपने संभावित नुकसान के लिए प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) को भी बढ़ाकर 91.57 प्रतिशत कर दिया है, जिससे बैंक की बैलेंस शीट अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो गई है।

गोल्ड लोन और रिटेल सेगमेंट में तूफानी तेजी

बैंक के लोन पोर्टफोलियो में सबसे बड़ी चमक गोल्ड लोन सेगमेंट में देखने को मिली है। बैंक का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 20,952 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा बैंक ने गाड़ी खरीदने के लिए दिए जाने वाले लोन यानी व्हीकल लोन में भी 24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। रिटेल डिपॉजिट के मामले में भी बैंक को ग्राहकों का पूरा भरोसा मिला है, जिसमें 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैंक के पास अब कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का रिटेल डिपॉजिट जमा है। एनआरआई डिपॉजिट में भी 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

बैंक के कासा (CASA) यानी चालू और बचत खाते में जमा राशि में 15 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ हुई है। इसमें बचत खाते में 14 प्रतिशत और चालू खाते में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है। कासा डिपॉजिट बढ़ने से बैंक को कम लागत पर पैसा मिलता है, जिससे उसकी कमाई बढ़ती है। बैंक का कुल एडवांस भी 11 प्रतिशत बढ़कर 96,764 करोड़ रुपये हो गया है। कॉरपोरेट सेक्टर को दिए गए कर्ज में भी 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बैंक के रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) का 1 प्रतिशत से ऊपर बना रहना यह साबित करता है कि बैंक अपनी संपत्तियों का बहुत ही कुशलता से इस्तेमाल कर रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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