मार्केट न्यूज़
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3 min read | अपडेटेड November 24, 2025, 07:41 IST
सारांश
शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह काफी अहम रहने वाला है। विश्लेषकों का मानना है कि जीडीपी के आंकड़े और वायदा सौदों की समाप्ति बाजार की दिशा तय करेंगे। पिछले हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी ने नया रिकॉर्ड बनाया था। निवेशकों की नजर विदेशी निवेशकों और अमेरिकी बाजार के रुझानों पर भी रहेगी।

जीडीपी आंकड़ों और वैश्विक संकेतों पर इस हफ्ते बाजार की नजर रहेगी।
शेयर बाजार में पिछले हफ्ते की शानदार तेजी के बाद अब निवेशकों की नजर नए हफ्ते के कारोबार पर टिकी है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल मुख्य रूप से आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। घरेलू मोर्चे पर जीडीपी के आंकड़े और वैश्विक स्तर पर विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। पिछले सप्ताह बाजार ने जिस तरह से नए रिकॉर्ड बनाए हैं, उससे उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन साथ ही सावधानी बरतने की भी सलाह दी जा रही है।
यह सप्ताह बाजार के लिए थोड़ा उथल-पुथल भरा हो सकता है। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा का कहना है कि इस हफ्ते नवंबर महीने के वायदा सौदे खत्म हो रहे हैं। वायदा सौदों की समाप्ति यानी एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में निवेशकों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर बाजार की नजर दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों और औद्योगिक उत्पादन यानी आईआईपी के डाटा पर रहेगी। ये आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था की सेहत का हाल बताएंगे और बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे।
घरेलू कारकों के अलावा वैश्विक कारक भी इस हफ्ते महत्वपूर्ण रहेंगे। निवेशक अमेरिकी बाजार के प्रदर्शन को बहुत बारीकी से देख रहे हैं। वहां के प्रमुख आर्थिक आंकड़े और ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेत बाजार में जोखिम की भावना को तय करेंगे। इसका सीधा असर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के पूंजी प्रवाह पर पड़ेगा। अगर वैश्विक संकेत सकारात्मक रहे तो विदेशी निवेश बढ़ सकता है, जिससे भारतीय बाजार को और मजबूती मिलेगी।
अगर पिछले हफ्ते के प्रदर्शन पर नजर डालें तो बाजार ने बेहतरीन रिटर्न दिया है। बीएसई सेंसेक्स 669.14 अंक या 0.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 158.1 अंक या 0.61 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। सबसे खास बात यह रही कि 20 नवंबर को सेंसेक्स ने 85,801.70 और निफ्टी ने 26,246.65 का अपना 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर छू लिया। यह रिकॉर्ड तोड़ तेजी निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने चेतावनी दी है कि अगर रुपये पर दबाव बना रहा तो निकट भविष्य में बाजार में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। निवेशक आने वाले सप्ताह में व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक आंकड़ों पर पैनी नजर रखेंगे। इसके अलावा ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और रुपये-डॉलर की विनिमय दर भी बाजार के मूड को प्रभावित कर सकती है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के संपत्ति प्रबंधन शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का नजरिया थोड़ा सकारात्मक है। उनका मानना है कि कुल मिलाकर इस सप्ताह बाजार मजबूत रह सकते हैं। अगर बाजार में कोई गिरावट आती है तो उसे खरीदारी के मौके के रूप में देखा जाना चाहिए। तीसरी तिमाही में मांग बेहतर रहने के संकेत मिल रहे हैं और बाजार में लगातार पैसा आ रहा है, जो इसे सहारा देगा। साथ ही भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता में अगर कोई अच्छी खबर आती है तो वह बाजार के लिए एक बड़ा उत्प्रेरक साबित हो सकती है।
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