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  1. LPG की किल्लत से होटल और फूड डिलीवरी शेयरों का बिगड़ा जायका, इस खबर ने बढ़ाई टेंशन

मार्केट न्यूज़

LPG की किल्लत से होटल और फूड डिलीवरी शेयरों का बिगड़ा जायका, इस खबर ने बढ़ाई टेंशन

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड March 10, 2026, 09:40 IST

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सारांश

गैस सिलेंडर की सप्लाई में आ रही दिक्कतों और 25 दिन के बुकिंग गैप वाले नए नियम ने होटल और फूड डिलीवरी सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है। इंडस्ट्री बॉडी एफएचआरएआई (FHRAI) ने सरकार को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है। इसका सीधा असर आज शेयर बाजार में इन कंपनियों के स्टॉक्स पर दिख सकता है।

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गैस संकट और सप्लाई चेन में रुकावट के कारण होटल और फूड डिलीवरी कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ने की आशंका।

आज जैसे ही भारतीय शेयर बाजार खुला, निवेशकों की नजर फूड डिलीवरी और होटल सेक्टर की कंपनियों पर टिक गई। कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई में आ रही दिक्कतों की खबरों ने मार्केट का मूड खराब कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर स्विगी और इटरनल जैसी कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल रहा है, जो कारोबार की शुरुआत में ही गिरावट के साथ खुले हैं। बाजार में मची इस हलचल के पीछे मुख्य वजह पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा गैस की जमाखोरी रोकने के लिए उठाए गए सख्त कदम और सप्लाई चेन में आई रुकावट को माना जा रहा है।

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फूड डिलीवरी स्टॉक्स का ताजा हाल

आज के कारोबार में स्विगी के शेयर 1.20 रुपये यानी करीब 0.40% की गिरावट के साथ 300.05 रुपये के लेवल पर ट्रेड कर रहे हैं। इसी तरह इटरनल लिमिटेड के शेयरों में भी कमजोरी देखी जा रही है और यह स्टॉक 1.80 रुपये यानी 0.78% गिरकर 227.76 रुपये के आसपास पहुंच गया है। निवेशकों को डर है कि अगर होटलों और रेस्टोरेंट्स को सही समय पर गैस नहीं मिली, तो फूड डिलीवरी का पूरा बिजनेस मॉडल गड़बड़ा सकता है। अगर रेस्टोरेंट्स से खाना समय पर तैयार नहीं होगा, तो इससे कंपनियों के रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट पर सीधा असर पड़ेगा।

कमर्शियल गैस की कमी ने बढ़ाई टेंशन

होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की सबसे बड़ी संस्था एफएचआरएआई (FHRAI) ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर गैस सप्लाई की किल्लत पर गहरी चिंता जताई है। संस्था का कहना है कि 5 मार्च के एक सरकारी आदेश के बाद देश के कई हिस्सों में डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी है। इससे रेस्टोरेंट्स के लिए खाना तैयार करना बड़ी चुनौती बन गया है। जब रेस्टोरेंट्स का ऑपरेशन ही सही से नहीं चलेगा, तो स्विगी और इटरनल जैसी कंपनियों के लिए ऑर्डर्स को समय पर पूरा करना और अपनी सर्विस क्वालिटी बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा।

25 दिन के बुकिंग नियम का मनोवैज्ञानिक असर

सरकार ने घरेलू एलपीजी के लिए दो बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रखने का जो नियम बनाया है, उसने बाजार में एक भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि यह नियम घरेलू इस्तेमाल के लिए है, लेकिन कमर्शियल सेक्टर में भी इसकी वजह से सप्लाई चेन प्रभावित होने की खबरें आ रही हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की रुकावटों से कंपनियों के परिचालन प्रदर्शन यानी ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में कमी आ सकती है। इससे कंपनियों का एबिटा (EBITDA) भी घट सकता है, क्योंकि ऑपरेशन से रेवेन्यू कम होने और खर्च बढ़ने से सीधे तौर पर मुनाफे पर चोट पहुंचती है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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