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  1. 5 दिन से जारी तेजी के बाद आज रिलायंस के शेयर में बिकवाली क्यों? तेल के गिरते दाम और रिफाइनिंग मार्जिन का यहां समझें पूरा गणित

मार्केट न्यूज़

5 दिन से जारी तेजी के बाद आज रिलायंस के शेयर में बिकवाली क्यों? तेल के गिरते दाम और रिफाइनिंग मार्जिन का यहां समझें पूरा गणित

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड March 10, 2026, 12:32 IST

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सारांश

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आज भारी गिरावट देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड और डब्लूटीआई के दाम 119 डॉलर के ऊपरी स्तर से गिरकर अब 90-93 डॉलर के करीब आ गए हैं। इस उठापटक के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर सबकी नजर है, क्योंकि तेल के दाम और रिफाइनिंग मार्जिन का कंपनी के मुनाफे से सीधा कनेक्शन है।

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कच्चे तेल में आई 10% तक की गिरावट के बाद रिलायंस का शेयर आज 1,415.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।

ग्लोबल मार्केट में आज कच्चे तेल की कीमतों ने सबको हैरान कर दिया है। सोमवार को जो ब्रेंट क्रूड 119.50 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था, वह आज मंगलवार को भारी गिरावट के साथ 92.47 डॉलर के करीब आ गया है। इसी तरह डब्लूटीआई (WTI) क्रूड भी 119 डॉलर के शिखर से फिसलकर 88.34 डॉलर के पास ट्रेड कर रहा है। तेल की कीमतों में आई इस 10% से ज्यादा की गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ चल रहे तनाव के जल्द खत्म होने की बात कही है। इस खबर के बाद मार्केट में सप्लाई की चिंता कम हुई और तेल की कीमतें धड़ाम से नीचे आ गईं।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल क्या है?

कच्चे तेल की इस उठापटक का सीधा असर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर पड़ रहा है। आज रिलायंस का शेयर मामूली गिरावट के साथ 1,415.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि, पिछले 5 दिनों के आंकड़ों को देखें तो इस शेयर ने निवेशकों को करीब 8% का शानदार रिटर्न दिया है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि भले ही कच्चे तेल के दाम गिरे हैं, लेकिन रिलायंस जैसी रिफाइनिंग कंपनियों के लिए यह स्थिति बहुत खराब नहीं है। रिलायंस का ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस अब भी मजबूत स्थिति में है क्योंकि रिफाइनिंग मार्जिन यानी कच्चे तेल को पेट्रोल-डीजल में बदलकर बेचने से होने वाला मुनाफा अब भी आकर्षक बना हुआ है।

समझिए रिफाइनिंग मार्जिन और डीजल का गणित

रिलायंस के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि उसके पास डीजल उत्पादन की क्षमता बहुत ज्यादा है। कंपनी की कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी में डीजल का हिस्सा 40 से 50% तक है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डीजल क्रैक्स (डीजल और कच्चे तेल की कीमतों का अंतर) फिलहाल 35 से 42 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहे हैं। जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट कहती है कि अगर डीजल क्रैक 30 डॉलर पर भी बना रहता है, तो रिलायंस का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) 4 से 5 डॉलर प्रति बैरल बढ़ सकता है। रिफाइनिंग मार्जिन में हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी रिलायंस के सालाना एबिटा (EBITDA) को करीब 4500 करोड़ रुपये तक बढ़ा सकती है।

फ्यूचर की है तैयारी

ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि रिलायंस केवल तेल तक सीमित नहीं है। कंपनी आने वाले 7 सालों में एआई (AI) और डिजिटल इकोसिस्टम में 110 बिलियन डॉलर के निवेश का बड़ा प्लान यानी इंप्लीमेंटेशन कर रही है। यह कैपिटल एलोकेशन कंपनी को आने वाले समय में एक नई दिशा देगा। साथ ही, जियो का आने वाला आईपीओ (IPO) और टेलीकॉम टैरिफ में बढ़ोतरी की संभावना कंपनी के लिए आने वाले समय में एक बड़ा ट्रिगर साबित हो सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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