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  1. अब भारत में बैठकर खरीद सकेंगे Apple और Tesla जैसी कंपनियों के शेयर, NSE IX लाया निवेश का धमाकेदार मौका

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अब भारत में बैठकर खरीद सकेंगे Apple और Tesla जैसी कंपनियों के शेयर, NSE IX लाया निवेश का धमाकेदार मौका

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड February 26, 2026, 15:01 IST

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सारांश

NSE IX ने भारतीय निवेशकों के लिए ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म पेश किया है। अब निवेशक घर बैठे अमेरिका सहित 30 से ज्यादा देशों के शेयर बजार में निवेश कर सकेंगे। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप महंगे शेयरों को छोटे टुकड़ों में भी खरीद सकते हैं, जिसे फ्रैक्शनल ट्रेडिंग कहा जाता है।

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NSE IX के ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म के जरिए मिलेगा टेस्ला में निवेश का मौका।

अगर आप घरेलू शेयर बजार के साथ इंटरनेशनल शेयर मार्केट की ओर रुख करना चाहते हैं और भारत में अपने घर बैठे एप्पल, टेस्ला, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। जल्द ही भारत के शेयर बाजार निवेशक दुनिया के 30 से ज्यादा शेयर बजारों में खुद निवेश कर सकेंगे। इसकी शुरुआत अमेरिकी शेयर बजार से हो चुकी है। एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज यानी NSE IX के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर वी बालासुब्रमण्यम ने बताया है कि भारतीय निवेशकों को आने वाले छह महीनों में उनके ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म के जरिए 30 से ज्यादा इंटरनेशनल मार्केट में ट्रेड करने की इजाजत मिलेगी।

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30 से ज्यादा ग्लोबल मार्केट तक होगी पहुंच

यह पहल घरेलू शेयर बजार से आगे निवेशक पहुंच का एक बड़ा विस्तार है। बालासुब्रमण्यम के अनुसार, पहले फेज में अमेरिकी बजार को लाइव कर दिया गया है क्योंकि इसमें लोगों की सबसे ज्यादा रुचि होती है। लेकिन आने वाले तीन से छह महीनों के भीतर निवेशकों के पास 30 से ज्यादा देशों के बजारों में निवेश करने का विकल्प उपलब्ध होगा। यह प्लेटफॉर्म भारतीय निवेशकों के लिए विदेशी कंपनियों में पैसा लगाने की प्रक्रिया को बहुत ही आसान और पारदर्शी बना देगा। इससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को ग्लोबल लेवल पर डायवर्सिफाई करने में बड़ी मदद मिलेगी।

महंगे शेयर अब छोटे टुकड़ों में भी मिलेंगे

इस ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी और खास बात फ्रैक्शनल ट्रेड करने की क्षमता है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी ग्लोबल स्टॉक की कीमत बहुत ज्यादा है, तो आपको पूरा शेयर खरीदने की जरूरत नहीं है। आप उस शेयर का एक छोटा सा हिस्सा भी खरीद सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर एप्पल का शेयर 272 डॉलर का है और आपके अकाउंट में सिर्फ 5 या 10 डॉलर हैं, तो भी आप एप्पल के शेयर का कुछ हिस्सा खरीद पाएंगे। यह फीचर उन रिटेल निवेशकों के लिए बहुत ही काम का है जो बड़ी टेक कंपनियों में अपना पैसा लगाना चाहते हैं लेकिन उनके पास एक बार में बड़ी रकम नहीं है।

निवेश की लिमिट क्या होगी?

यह पूरा इन्वेस्टमेंट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम यानी LRS के तहत होगा। इस नियम के अनुसार, भारत का हर निवासी एक साल में 2,50,000 डॉलर तक की रकम विदेश भेज सकता है, जिसमें विदेशी इन्वेस्टमेंट भी शामिल है। यह पूरा ट्रांजैक्शन साइकिल ऑनबोर्डिंग से लेकर ट्रेडिंग तक मौजूदा नियमों के हिसाब से ही बनाया गया है। खास बात यह है कि यह सारा निवेश डॉलर में होगा। सबसे पहले भारत से रुपया विदेशी रेमिटेंस के तौर पर जाएगा और फिर वह डॉलर में बदलकर निवेश किया जाएगा।

डिजिटल केवाईसी से तुरंत शुरू होगा काम

इस प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है और इसे पूरी तरह डिजिटल रखा गया है। आप वेब या मोबाइल ऐप के जरिए अपना अकाउंट बना सकते हैं। डिजिटल केवाईसी करने में सिर्फ 30 से 45 सेकंड का समय लगता है, जो आपके आधार ऑथेंटिकेशन, पैन कार्ड या डिजिलॉकर के जरिए पूरा हो जाता है। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद निवेशक गिफ्ट सिटी के एक तय बैंक अकाउंट में पैसे भेज सकते हैं। जैसे ही पैसा जमा होगा, आपके ऐप पर आपकी ट्रेडिंग पावर और लिमिट दिखाई देने लगेगी और आप ऑर्डर देना शुरू कर सकते हैं।

इन चीजों में कर पाएंगे निवेश

प्लेटफॉर्म पर फिलहाल सिर्फ उन्हीं एसेट क्लास की इजाजत दी गई है जो एलआरएस नियमों के तहत आते हैं। निवेशक विदेशी इक्विटी यानी शेयरों और ईटीएफ में पैसा लगा सकते हैं। हालांकि, अभी डेरिवेटिव और डिजिटल एसेट जैसे प्रोडक्ट्स को चालू नहीं किया गया है। कंपनी ने साफ किया है कि वे किसी भी तरह के क्रिप्टो या डिजिटल एसेट प्रोडक्ट की इजाजत नहीं देंगे। आने वाले समय में तीसरे फेज के दौरान म्यूचुअल फंड जैसे बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशकों को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है, जिससे इस प्लेटफॉर्म का दायरा और बढ़ जाएगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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