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  1. Nifty IT में फिर बड़ी गिरावट: TCS, Infosys टूटे, क्या AI से आईटी सेक्टर पर मंडरा रहा है खतरा? एक्सपर्ट्स की राय

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Nifty IT में फिर बड़ी गिरावट: TCS, Infosys टूटे, क्या AI से आईटी सेक्टर पर मंडरा रहा है खतरा? एक्सपर्ट्स की राय

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 12, 2026, 11:32 IST

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सारांश

आज सबसे ज्यादा गिरावट Coforge और LTIMindtree के शेयरों में है और ये दोनों स्टॉक 5 फीसदी से अधिक टूट गए। इसके अलावा OFSS, Infosys, Wipro, Persistent Systems, Tech Mahindra, TCS और Mphasis के शेयर 4 फीसदी से अधिक लुढ़क गए हैं।

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IT Stocks

IT Stocks: पिछले 7 कारोबारी दिनों में Nifty IT इंडेक्स 13 फीसदी से अधिक टूट चुका है।

Nifty IT: आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट का सिलसिला आज 12 फरवरी को भी जारी है। आज के कारोबार में Nifty IT इंडेक्स करीब 4.50 फीसदी लुढ़ककर 33471.55 के स्तर पर आ गया। रिपोर्ट लिखे जाने के समय इंडेक्स में शामिल सभी शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे। पिछले 7 कारोबारी दिनों में Nifty IT इंडेक्स 13 फीसदी से अधिक टूट चुका है। यह ताजा बिकवाली ग्लोबल टेक और सॉफ्टवेयर शेयरों में आई गिरावट के बाद देखने को मिल रही है। निवेशकों को चिंता है कि AI स्टार्टअप्स पारंपरिक बड़ी टेक कंपनियों के बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकते हैं। इसी डर की वजह से अमेरिकी बाजारों में भी दबाव दिखा।
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इन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

आज सबसे ज्यादा गिरावट Coforge और LTIMindtree के शेयरों में है और ये दोनों स्टॉक 5 फीसदी से अधिक टूट गए। इसके अलावा OFSS, Infosys, Wipro, Persistent Systems, Tech Mahindra, TCS और Mphasis के शेयर 4 फीसदी से अधिक लुढ़क गए हैं। HCL Tech में भी 3 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी है। इंफोसिस और विप्रो ADRs भी रात भर के ट्रेड में 4% से ज्यादा गिर गए थे।

क्या है एक्सपर्ट्स की राय

आईटी उद्योग संगठन Nasscom का कहना है कि एडवांस एआई भारत के आईटी सर्विस सेक्टर को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उसकी भूमिका को और मजबूत और नया रूप देगा। संगठन के मुताबिक, Anthropic का नया टूल ‘Claude Cowork’ कानूनी, सेल्स, मार्केटिंग और डेटा विश्लेषण जैसे काम ऑटोमेट करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह मान लेना गलत है कि इससे भारतीय आईटी कंपनियां पीछे छूट जाएंगी।

Nasscom का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियां जटिल और बड़े वैश्विक सिस्टम्स के साथ काम करती हैं, जहां कई सिस्टम और बिखरा हुआ डेटा होता है। ऐसे माहौल में एआई को सीधे “तुरंत इस्तेमाल” करने वाला समाधान नहीं माना जा सकता। बड़े एंटरप्राइज में एआई लागू करने के लिए इंसानों की भूमिका जरूरी रहती है, जो बिजनेस और इंडस्ट्री की गहरी समझ रखते हैं।

Nasscom के अनुसार, सेक्टर में अब बदलाव आ रहा है जहां आईटी सर्विस कंपनियां एआई के प्रयोग से लेकर बड़े पैमाने पर लागू करने तक की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रही हैं। भारतीय आईटी कंपनियां खुद को फिर से तैयार कर रही हैं। एआई से जुड़े नए अवसरों में लेगेसी सिस्टम्स का आधुनिकीकरण, एआई-रेडी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना और कंपनियों के अलग-अलग कामों में इंटेलिजेंट एजेंट्स तैनात करना शामिल है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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