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  1. Meesho IPO: 3941 करोड़ के घाटे का सच और 'घर वापसी' की कीमत! वो 5 बातें जो बदल देंगी आपका नजरिया

मार्केट न्यूज़

Meesho IPO: 3941 करोड़ के घाटे का सच और 'घर वापसी' की कीमत! वो 5 बातें जो बदल देंगी आपका नजरिया

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड November 27, 2025, 14:49 IST

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सारांश

Meesho IPO: मीशो का आईपीओ दिसंबर के पहले हफ्ते में आ सकता है। ऊपर से देखने पर कंपनी भारी घाटे में लग सकती है, लेकिन गहराई में जाने पर पता चलता है कि यह घाटा 'घर वापसी' यानी रिवर्स फ्लिप टैक्स के कारण है। असल में कंपनी कैश फ्लो पॉजिटिव है।

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आईपीओ लाने की तैयारी में मीशो (Photo: X से ली गई है।)

भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में धमाल मचाने के बाद अब मीशो (Meesho) शेयर बाजार में अपना जलवा बिखेरने के लिए तैयार है। खबरों की मानें तो मीशो का आईपीओ (Initial Public Offering) दिसंबर 2025 के पहले हफ्ते में खुल सकता है। कंपनी का लक्ष्य करीब 6,500 करोड़ रुपये जुटाने का है। लेकिन, सिर्फ आईपीओ का साइज देखकर निवेश का फैसला मत लीजिए। कंपनी के बारे में कुछ ऐसी बातें हैं जो बैलेंस शीट की ऊपरी सतह पर दिखाई नहीं देतीं।

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अक्सर हम स्टार्टअप्स को भारी घाटे (Loss) वाली कंपनियों के तौर पर देखते हैं, लेकिन मीशो की कहानी थोड़ी अलग और दिलचस्प है। अगर आप इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो ये 5 बातें आपको जान लेनी चाहिए।

1. 3941 करोड़ के घाटे का 'असली' सच

वित्त वर्ष 2025 में मीशो ने करीब 3,941 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है। यह आंकड़ा किसी को भी डरा सकता है, क्योंकि उसके पिछले साल यह घाटा सिर्फ 327 करोड़ रुपये था। लेकिन रुकिए! यह घाटा कंपनी के बिजनेस खराब होने की वजह से नहीं, बल्कि एक खास टैक्स चुकाने की वजह से बढ़ा है। अगर इस 'वन-टाइम टैक्स' (One-time expense) को हटा दिया जाए, तो मीशो का समायोजित घाटा (Adjusted Loss) मात्र 108 करोड़ रुपये रह जाता है। यानी कंपनी ऑपरेशनल लेवल पर प्रॉफिट के बेहद करीब है।

2. 'घर वापसी' की भारी कीमत (Reverse Flip)

मीशो पहले अमेरिका में रजिस्टर्ड थी, लेकिन आईपीओ लाने के लिए उसने अपनी मूल कंपनी (Parent Company) को भारत शिफ्ट किया है। इसे बिजनेस की भाषा में 'रिवर्स फ्लिप' कहते हैं। ऊपर बताया गया भारी घाटा इसी प्रक्रिया के दौरान चुकाए गए टैक्स की वजह से है। कंपनी ने 'देसी' बनने के लिए करोड़ों डॉलर का टैक्स भरा है ताकि वह भारतीय शेयर बाजार के नियमों के तहत लिस्ट हो सके। यह कदम कंपनी की लॉन्ग टर्म कमिटमेंट को दिखाता है।

3. कैश जलाने वाली नहीं, 'कैश फ्लो पॉजिटिव' कंपनी

ज्यादातर टेक स्टार्टअप्स निवेशकों का पैसा जलाकर (Cash Burn) चलते हैं, लेकिन मीशो यहां अलग खड़ी है। वित्त वर्ष 2025 में मीशो भारत की उन चुनिंदा ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल हो गई है जो फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव (Free Cash Flow Positive) हैं। आसान भाषा में कहें तो, कंपनी अब अपना खर्चा चलाने के लिए सिर्फ निवेशकों के पैसों पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपने धंधे से नकद कमा रही है।

4. 'भारत' की असली ई-कॉमर्स कंपनी

अमेजन और फ्लिपकार्ट जहां मेट्रो शहरों में मजबूत हैं, वहीं मीशो ने टियर-2, टियर-3 और उससे छोटे शहरों (Bharat) में अपनी जड़ें जमाई हैं। 21 करोड़ से ज्यादा सालाना ट्रांजैक्शन करने वाले यूजर्स। इसके 80% से ज्यादा ऑर्डर छोटे शहरों से आते हैं। सस्ते और बजट फ्रेंडली प्रॉडक्ट्स की वजह से इसकी पहुंच आम भारतीय घरों तक है, जो इसे दूसरों से अलग बनाता है।

5. आईपीओ का पैसा कहां जाएगा?

मीशो इस आईपीओ के जरिए लगभग 4,250 करोड़ रुपये के नए शेयर (Fresh Issue) जारी करेगी। इस पैसे का इस्तेमाल किसी पुराने कर्ज को चुकाने में नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और ग्रोथ में होगा। कंपनी अपनी लॉजिस्टिक्स विंग 'Valmo' को मजबूत करने और मशीन लर्निंग/AI पर भारी खर्च करने का प्लान बना रही है, ताकि डिलीवरी तेज हो और यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बने।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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