मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड May 18, 2026, 14:14 IST
सारांश
Coal India Shares: सरकार ने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) को लिस्ट करने और आईपीओ के जरिए 25% तक हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आज कोल इंडिया के शेयर 468.40 रुपये प्रति शेयर तक गए थे
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कोल इंडिया के शेयरों में आज क्यों दिखी इतनी हलचल? (Photo: Shutterstock)
Coal India Shares: सरकारी कोयला प्रोड्यूसर कंपनी कोल इंडिया के शेयरों में आज काफी हलचल देखने को मिली। कोल इंडिया के शेयरों में आज करीब .60% तक की तेजी देखने को मिली, हालांकि मार्केट क्लोज होने से कुछ देर पहले कंपनी के शेयर .10% तक लुढ़क गए। शेयरों में यह हलचल इसलिए देखने को मिल रही है, क्योंकि सरकार ने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) को लिस्ट करने और आईपीओ के जरिए 25% तक हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आज कोल इंडिया के शेयर 468.40 रुपये प्रति शेयर तक गए थे, जबकि गिरने के बाद 461 रुपये प्रति शेयर के आस-पास ट्रेड होते दिखे।
एनएसई पर एक एक्सचेंज फाइलिंग में, कोल इंडिया लिमिटेड ने कहा, ‘डीआईपीएएम/एमओसी ने कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और एमसीएल के बोर्ड द्वारा दी गई स्वीकृतियों के आधार पर महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड को लिस्ट करने के लिए वैकल्पिक तंत्र (एएम) की मंजूरी मांगने वाले प्रस्ताव पर कार्रवाई की है। एएम ने एमसीएल के विनिवेश/सूचीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।’ लिस्टिंग में कोल इंडिया द्वारा शेयरों का फ्रेश इश्यू और बिक्री प्रस्ताव (ओएफएस) कम्पोनेंट शामिल हो सकता है। फाइलिंग में कहा गया, ‘सीआईएल, एमसीएल के आईपीओ के हिस्से के रूप में मौजूदा शेयरों की बिक्री के लिए ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए और बाद में एक या अधिक किस्तों में एमसीएल में अपनी हिस्सेदारी का विनिवेश कर सकती है।’
नियामक फाइलिंग में कहा गया है कि महानदी कोलफील्ड्स आईपीओ के हिस्से के रूप में इक्विटी शेयरों के फ्रेश इश्यू और/या बाद के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ), क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) या भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा अनुमत अन्य तरीकों के जरिए भी पूंजी जुटा सकती है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह 2030 तक कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट करे ताकि शासन को सुव्यवस्थित किया जा सके, पारदर्शिता में सुधार किया जा सके और परिसंपत्ति मुद्रीकरण के जरिए मूल्य बढ़ाया जा सके। कोल इंडिया की आठ सहायक कंपनियां हैं, जिनके नाम हैं: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और एमसीएल।
भारत कोकिंग कोल और सीएमपीडीआईएल पहले से ही स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड हैं। कोल इंडिया के बोर्ड ने इससे पहले भी एसईसीएल में अपनी 25% तक इक्विटी हिस्सेदारी को ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए बेचने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी, साथ ही प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश या अन्य बाजार मार्गों के माध्यम से 10% तक इक्विटी के फ्रेश इश्यू के लिए भी मंजूरी दी थी।
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