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5 min read | अपडेटेड October 10, 2025, 16:13 IST
सारांश
Hyundai vs LG Electronics IPO: दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड रहे, जिसका मतलब है कि आईपीओ से होने वाली पूरी आय पैरेंट कंपनियों को मिल रही है। Hyundai India के आईपीओ के तहत प्रमोटर ने कुल 14.21 करोड़ शेयरों की बिक्री की। दूसरी तरफ LG Electronics के प्रमोटर 10.18 करोड़ शेयरों की बिक्री कर रहे हैं।

LG Electronics IPO: पिछले एक साल के अंदर यह दूसरी दक्षिण कोरियाई कंपनी है, जो भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली है।
Hyundai Motor India और LG Electronics दोनों ही आईपीओ अपने-अपने सेक्टर के दिग्गज हैं। Hyundai India का पब्लिक इश्यू देश का सबसे बड़ा आईपीओ है, जिसका इश्यू साइज 27,858.75 करोड़ रुपये था। इसके लिए 1865-1960 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था। दूसरी तरफ LG Electronics आईपीओ के जरिए 11,607.01 करोड़ रुपये जुटा रही है, जिसके लिए 1080-1140 रुपये का प्राइस बैंड रखा गया है।
दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड रहे, जिसका मतलब है कि आईपीओ से होने वाली पूरी आय पैरेंट कंपनियों को मिल रही है। Hyundai India के आईपीओ के तहत प्रमोटर ने कुल 14.21 करोड़ शेयरों की बिक्री की। दूसरी तरफ LG Electronics के प्रमोटर 10.18 करोड़ शेयरों की बिक्री कर रहे हैं।
Hyundai Motor India का आईपीओ 15 से 17 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस दौरान यह पब्लिक इश्यू कुल 2.37 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसे कुल 23.63 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली, जबकि ऑफर पर 9.97 करोड़ शेयर थे। इस आईपीओ का रिटेल पोर्शन पूरी तरह सब्सक्राइब भी नहीं हो सका। इसमें सबसे ज्यादा दांव क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने लगाया था और यह हिस्सा कुल 6.97 गुना सब्सक्राइब हो गया। दूसरी तरफ नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स (NIIs) का हिस्सा 0.60 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 0.50 गुना ही भर सका। इसके अलावा, एम्प्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्से को 1.74 गुना सब्सक्राइब किया गया।
LG Electronics की बात करें तो इसने ₹4.39 लाख करोड़ की बोली के साथ नया रिकॉर्ड बनाया है। इस आईपीओ को कुल 385.33 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली है जबकि ऑफर पर 7.13 करोड़ शेयर थे। यह कुल 54.02 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा दांव QIBs ने लगाया है और उनके लिए रिजर्व हिस्सा कुल 166.51 गुना सब्सक्राइब हो गया। इसके अलावा, NIIs के लिए रिजर्व हिस्सा 22.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों के हिस्से को 3.54 गुना और एम्प्लॉयीज के हिस्से को 7.62 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।
Hyundai Motor India ने लिस्टिंग पर अपने निवेशकों को निराश किया था। इसके शेयर 22 अक्टूबर को BSE पर 1,931 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जबकि इश्यू प्राइस 1,960 रुपये था। इसके अलावा, NSE पर इसकी लिस्टिंग 1,934 रुपये के भाव पर हुई। इस तरह IPO निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 1.50 फीसदी का नुकसान हो गया। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस आईपीओ का वैल्यूवेशन काफी महंगा था।
लेकिन यहां यह बताना जरूरी है कि कमजोर लिस्टिंग के बाद पिछले एक साल में Hyundai Motor India के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इसने लिस्टिंग के लगभग 7 महीने बाद जून 2025 में इश्यू प्राइस को पार कर लिया। अब यह शेयर बढ़ते-बढ़ते आज 2406.25 रुपये के भाव पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि IPO निवेशकों को पिछले एक साल में करीब 23 फीसदी का मुनाफा हो चुका है। इसके अलावा, पिछले 6 महीने में इसने करीब 48 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है। इस साल अब तक इसमें 34 फीसदी की तेजी आ चुकी है।
मजबूत सब्सक्रिप्शन को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि 14 अक्टूबर को LG Electronics के शेयरों की लिस्टिंग पर निवेशकों को अच्छा मुनाफा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स और Investorgain.com के मुताबिक ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। आज 10 अक्टूबर को यह इश्यू अनलिस्टेड मार्केट में 425 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 1565 रुपये के भाव पर हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को 37.28 फीसदी का जबरदस्त मुनाफा होगा।
ध्यान रहे कि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) किसी आईपीओ को लेकर बाजार की भावना (sentiment) का एक अनौपचारिक संकेत है। इसे स्टॉक एक्सचेंज या SEBI द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता। Upstox न तो ग्रे मार्केट ट्रेडिंग को समर्थन देता है और न ही उसे प्रोत्साहित करता है।
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