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Jio Financial Q3 Results: दिसंबर तिमाही में 9% घटा नेट प्रॉफिट, लेकिन रेवेन्यू हुआ डबल

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 15, 2026, 17:24 IST

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सारांश

Jio Financial Q3 Results: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q3FY26 में बढ़कर 901 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में रिपोर्ट किए गए 438 करोड़ रुपये से दोगुने से भी ज्यादा है। यह 106% की बढ़ोतरी है।

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Jio Financial Q3 Results

Jio Financial Q3 Results: कंपनी के कोर ऑपरेटिंग इनकम में तेज बढ़ोतरी हुई है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी में गिरावट आई है।

Jio Financial Q3 Results: रिलायंस ग्रुप की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने आज 15 जनवरी को FY26 की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी ने मिले-जुले नतीजे पेश किए। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 269 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 295 करोड़ रुपये से 9 फीसदी कम है। कंपनी के कोर ऑपरेटिंग इनकम में तेज बढ़ोतरी हुई है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी में गिरावट आई है। कंपनी के शेयरों में 14 जनवरी को 0.83 फीसदी की तेजी रही थी और यह स्टॉक BSE पर 286.95 रुपये के भाव पर बंद हुआ था।
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Jio Financial का रेवेन्यू हुआ डबल

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q3FY26 में बढ़कर 901 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में रिपोर्ट किए गए 438 करोड़ रुपये से दोगुने से भी ज्यादा है। यह 106% की बढ़ोतरी है। इसके अलावा, तिमाही आधार पर सितंबर तिमाही के 695 करोड़ रुपये से प्रॉफिट में 61% की गिरावट आई। पिछली तिमाही के मुकाबले टोटल इनकम Q2FY26 में पोस्ट किए गए 1002 करोड़ रुपये से 10% कम हो गई। इसके अलावा पिछली तिमाही की तुलना में ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 8% की गिरावट आई।

ब्याज से होने वाली इनकम में तेज बढ़ोतरी

दिसंबर तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की ब्याज से होने वाली इनकम सालाना 140% बढ़कर 504 करोड़ रुपये हो गई, जो लेंडिंग बुक के बढ़ने को दिखाता है। फीस, कमीशन और दूसरी सर्विसेज से होने वाली इनकम पिछले साल के 37 करोड़ रुपये से बढ़कर 182 करोड़ रुपये हो गई, जो 394% की बढ़ोतरी है। फेयर वैल्यू में बदलाव से नेट गेन 214 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना 12% ज्यादा है।

एसेट अंडर मैनेजमेंट में भी बढ़ोतरी

NBFC का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 19,049 करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर 4.5 गुना ज्यादा है। तिमाही आधार पर, AUM में 29% की बढ़ोतरी हुई, जो सभी सेगमेंट में मजबूत लोन वितरण को दिखाता है। एसेट मैनेजमेंट बिजनेस में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई। AMC AUM 14,972 करोड़ रुपये रहा, जो 10 म्यूचुअल फंड स्कीम में फैला हुआ है, जिसमें लगभग 1 मिलियन रिटेल निवेशकों का बेस है।

दिसंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च पिछले साल की इसी अवधि के 131 करोड़ रुपये से बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया, जो 333% की बढ़ोतरी है। फाइनेंस कॉस्ट 212 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह NIL थी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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