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  1. बाजार खुलते ही 4% टूटा इंफोसिस का शेयर, फिर हुआ हल्का रिकवर, ऐसा क्या पता चला कि निराश हो गए निवेशक?

मार्केट न्यूज़

बाजार खुलते ही 4% टूटा इंफोसिस का शेयर, फिर हुआ हल्का रिकवर, ऐसा क्या पता चला कि निराश हो गए निवेशक?

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड October 26, 2026, 10:47 IST

सारांश

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयरों में सोमवार 26 अक्टूबर को बाजार खुलते ही 4% की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में जारी भारी उतार-चढ़ाव के बीच दूसरी तिमाही के सुस्त प्रदर्शन और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मैनेजमेंट के सतर्क रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस से निवेशक काफी निराश दिखे।

शेयर सूची

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Infosys ने पेश किए तिमाही नतीजे, फिर भी टूटा शेयर

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयरों में सोमवार 26 अक्टूबर को हफ्ते की शुरुआत के साथ ही भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार की घंटी बजते ही शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर 4% तक नीचे फिसल गया। इस तेज गिरावट के पीछे कंपनी का दूसरी तिमाही का प्रदर्शन और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मैनेजमेंट का सतर्क रुख मुख्य वजह बना हुआ है। शेयर बाजार में छाई तेज उथल-पुथल के बीच कंपनी का तिमाही आधार पर प्रदर्शन काफी सुस्त रहा, जिसके चलते निवेशकों का भरोसा डगमगाया और उन्होंने शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी।

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शुरुआती घंटी बजते ही टूटा इंफोसिस का शेयर

सोमवार के कारोबारी सत्र में बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर इंफोसिस के शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। शेयर में 4% की तेज गिरावट दर्ज हुई, जिससे पूरे आईटी इंडेक्स और व्यापक बाजार पर भी नकारात्मक असर पड़ा। निवेशक कंपनी के हालिया प्रदर्शन और आगे के अनुमानों को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। पिछले हफ्ते शुक्रवार को कंपनी के वित्तीय नतीजे सामने आने के बाद सोमवार को पहला कारोबारी दिन था, जिसमें बाजार ने इन नतीजों और मैनेजमेंट की बातों पर अपनी पहली तीखी प्रतिक्रिया दी है।

मैनेजमेंट के सतर्क रेवेन्यू गाइडेंस से बढ़ी चिंता

शेयरों में आई इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी मैनेजमेंट की तरफ से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जारी किया गया सतर्क रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस है। मैनेजमेंट ने पूरे वित्त वर्ष के लिए काफी रूढ़िवादी और सीमित अनुमान पेश किया है। बाजार के निवेशकों और जानकारों को उम्मीद थी कि टेक खर्च में सुधार के साथ कंपनी अपने अनुमानों को बेहतर बनाएगी, लेकिन मैनेजमेंट ने सतर्क रुख बनाए रखने का फैसला किया। इस सतर्क अनुमान ने बाजार की उम्मीदों को झटका दिया और इसी वजह से निवेशकों ने बिकवाली करने को प्राथमिकता दी।

बाजार की उथल-पुथल और सुस्त तिमाही प्रदर्शन

कंपनी के दूसरी तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार में जारी भारी उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के बीच इसका तिमाही आधार पर प्रदर्शन काफी ठंडा रहा है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक चिंताओं के कारण कई क्लाइंट्स अपने बड़े फैसलों और खर्चों को लेकर सतर्क हैं, जिसका सीधा असर कंपनी की तिमाही ग्रोथ पर पड़ा है। पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई। जब किसी दिग्गज आईटी कंपनी की तिमाही रफ्तार धीमी पड़ती है, तो बाजार तुरंत सतर्क होकर जोखिम घटाने लगता है।

निवेशकों की आगे की चाल पर टिकी नजरें

आईटी सेक्टर में आई इस गिरावट के बाद अब बाजार के जानकारों की नजर इस बात पर है कि इंफोसिस का शेयर निचले स्तरों पर कहां जाकर थमता है। शेयर बाजार में बढ़ती उथल-पुथल के इस दौर में निवेशक किसी भी ऐसे शेयर में बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं जहां फ्यूचर की ग्रोथ सुस्त नजर आ रही हो। मैनेजमेंट के सतर्क अनुमान के बाद कई एनालिस्ट्स भी अपने नजरिए की दोबारा समीक्षा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या निचले स्तरों पर शेयर को कोई सहारा मिलता है या फिर दबाव और गहराता है। ये भी पढ़ें: अगर इमरजेंसी में हो पैसों की जरूरत? तो FD तोड़ना समझदारी भरा फैसला या फिर पर्सनल लोन लेना है बेस्ट
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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