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मार्केट न्यूज़

जियो प्लेटफॉर्म्स और पारस हेल्थकेयर IPO का आखिरी दिन: एक पर टूटे निवेशक तो दूसरे में सुस्ती, जानें पूरा गणित

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड October 23, 2026, 14:18 IST

सारांश

जियो प्लेटफॉर्म्स और पारस हेल्थकेयर के आईपीओ आज यानी 23 अक्टूबर को बंद हो रहे हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का जबर्दस्त प्यार मिला है और यह 6.70 गुना भर चुका है। वहीं पारस हेल्थकेयर का 1,450 करोड़ का आईपीओ 0.45 गुना ही सब्सक्राइब हो सका है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स और पारस हेल्थकेयर के आईपीओ में बोली लगाने का आज 23 अक्टूबर को आखिरी दिन है।

प्राइमरी मार्केट में आज 23 अक्टूबर को हलचल तेज है क्योंकि दो बड़े आईपीओ बंद होने जा रहे हैं। एक तरफ रिलायंस इंडस्ट्रीज समर्थित टेक और टेलीकॉम दिग्गज जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ है, तो दूसरी तरफ अस्पताल चेन चलाने वाली पारस हेल्थकेयर का 1,450 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू है। दोनों ही आईपीओ में आज बोली लगाने का तीसरा और आखिरी दिन है। हालांकि सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में दोनों को बिल्कुल अलग रिस्पॉन्स मिला है। जहां जियो प्लेटफॉर्म्स को खरीदने के लिए संस्थागत और खुदरा निवेशकों में होड़ मची है, वहीं पारस हेल्थकेयर को बड़े खरीदारों से अब तक सीमित समर्थन मिला है।

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सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर

तीसरे दिन दोपहर तक जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ कुल 6.70 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कोटे में 14.11 गुना की भारी बोली लगी है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में यह 8.96 गुना भरा है। खुदरा निवेशकों का रिटेल हिस्सा भी 2.02 गुना भर चुका है। इसके उलट पारस हेल्थकेयर का आईपीओ दोपहर तक कुल 0.45 गुना ही सब्सक्राइब हो सका है। पारस हेल्थकेयर में रिटेल कोटा 1.66 गुना भर गया है, लेकिन NII में 0.35 गुना और QIB कोटे में महज 0.09 गुना ही बोलियां आ सकी हैं। हैरानी की बात ये है कि जियो दुनिया का पहला ऐसा आईपीओ बन गया है, जिसने 1 करोड़ के एप्लिकेशन के जादूई आंकड़े को क्रॉस कर दिया है।

दोनों कंपनियों का कामकाज और बिजनेस मॉडल

कामकाज की बात करें तो जियो प्लेटफॉर्म्स देश की सबसे बड़ी डिजिटल कनेक्टिविटी और टेक कंपनी है। यह सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के जरिए टेलीकॉम और ब्रॉडबैंड नेटवर्क चलाती है, जिसके 52 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं। इसके अलावा यह क्लाउड, AI और डिजिटल एप्स सेवाएं देती है। दूसरी तरफ पारस हेल्थकेयर उत्तर और पूर्वी भारत में 'पारस हेल्थ' ब्रांड से अस्पताल चलाती है। कंपनी गुरुग्राम, पटना, दरभंगा, उदयपुर, श्रीनगर, पंचकूला और रांची जैसे शहरों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध कराती है।

कमाई और वित्तीय सेहत का मुकाबला

वित्तीय मोर्चे पर दोनों कंपनियों का आकार काफी अलग है। जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 1,46,885 करोड़ रुपये रहा था, जबकि EBITDA 76,255 करोड़ रुपये और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 30,049 करोड़ रुपये दर्ज हुआ था। वहीं पारस हेल्थकेयर घाटे से उबरकर अब मुनाफे में आई है। वित्त वर्ष 2025-26 में पारस हेल्थकेयर का ऑपरेशन से रेवेन्यू 1,605.95 करोड़ रुपये रहा और इसका EBITDA 335.58 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 43.83 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पहली तिमाही में भी करीब 50 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।

पैसों का इस्तेमाल और फ्यूचर प्लान?

जियो प्लेटफॉर्म्स का पूरा आईपीओ 30,213 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू है। कंपनी इन पैसों का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो का पुराना कर्ज चुकाने में लगाएगी। कंपनी का फ्यूचर प्लान 5जी नेटवर्क का विस्तार, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना और एआई सेवाओं को बढ़ाना है। वहीं पारस हेल्थकेयर के आईपीओ में 500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 950 करोड़ रुपये का OFS शामिल है। पारस हेल्थकेयर फ्रेश इश्यू के 500 करोड़ रुपये में से करीब 375 करोड़ रुपये अपने और श्रीनगर अस्पताल के कर्ज चुकाने में खर्च करेगी। कंपनी का फ्यूचर प्लान छोटे शहरों में अस्पताल के बेड बढ़ाना और स्पेशियलिटी केयर का विस्तार करना है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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