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Infosys का Share Buyback अब तक 8 गुना ओवरसब्सक्राइब, आज है अप्लाई करने का आखिरी मौका

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड November 26, 2025, 17:00 IST

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सारांश

Infosys Buyback: छोटे शेयरहोल्डर्स रिकॉर्ड डेट पर रखे गए हर 11 इक्विटी शेयर के बदले 2 इक्विटी शेयर टेंडर करने के हकदार होंगे। जनरल कैटेगरी के बाकी सभी एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए, हर 706 इक्विटी शेयर के बदले 17 इक्विटी शेयर का हक है।

शेयर सूची

Infosys buyback

Infosys buyback: शेयरहोल्डर्स को मिलने वाली बायबैक रकम को डिविडेंड माना जाएगा।

Infosys Share Buyback: IT कंपनी Infosys के 18000 करोड़ रुपये के बायबैक में अप्लाई करने का आज आखिरी दिन है। यह बायबैक 20 नवंबर को खुला था और आज 26 नवंबर को बंद हो रहा है। इंफोसिस के इस शेयर बायबैक को निवेशकों ने ओवरसब्सक्राइब कर दिया है। इस बीच आज इंफोसिस के शेयरों में तेजी नजर आ रही है। इस समय यह स्टॉक BSE पर 0.88 फीसदी की बढ़त के साथ 1543.40 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 6.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
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अब तक कितना मिला सब्सक्रिप्शन?

BSE डेटा के अनुसार 26 नवंबर को 4:00PM तक इंफोसिस बायबैक में 82.61 करोड़ से ज्यादा शेयर टेंडर किए गए हैं, जो ऑफर साइज से 8 गुना अधिक है। इंफोसिस ₹1800 प्रति शेयर के हिसाब से 10 करोड़ शेयर वापस खरीद रही है। बायबैक प्राइस पिछले क्लोजिंग प्राइस से 17.6% ज्यादा है। इंफोसिस शेयर बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट 14 नवंबर थी।

शेयरहोल्डर कितना शेयर बेच सकते हैं?

Infosys के बायबैक में दो अलग-अलग निवेशक समूहों के लिए अलग-अलग Entitlement Ratio तय किया गया है। छोटे शेयरहोल्डर्स कैटेगरी के लिए इंफोसिस बायबैक एंटाइटलमेंट रेशियो 2:11 है, और जनरल कैटेगरी के लिए 17:706 है। इसका मतलब है कि छोटे शेयरहोल्डर्स रिकॉर्ड डेट पर रखे गए हर 11 इक्विटी शेयर के बदले 2 इक्विटी शेयर टेंडर करने के हकदार होंगे। जनरल कैटेगरी के बाकी सभी एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए, हर 706 इक्विटी शेयर के बदले 17 इक्विटी शेयर का हक है।

नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति समेत IT कंपनी के प्रमोटर्स और चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने बायबैक प्रोग्राम में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। बायबैक अनाउंसमेंट डेट पर प्रमोटर्स के पास IT कंपनी में कुल मिलाकर 13.05% हिस्सेदारी थी।

क्या इन्वेस्टर्स को इंफोसिस बायबैक में शेयर टेंडर करने चाहिए?

शेयरहोल्डर्स को मिलने वाली बायबैक रकम को डिविडेंड माना जाएगा और उस पर स्लैब रेट्स के आधार पर टैक्स लगेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंफोसिस बायबैक रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए शेयर टेंडर करने का एक अच्छा मौका है क्योंकि बायबैक प्राइस ठीक-ठाक प्रीमियम पर है। हालांकि, अगर इन्वेस्टर ऊंचे टैक्स स्लैब में हैं तो इस मामले में टैक्सेशन एक बड़ी रुकावट है। इंफोसिस बायबैक तभी आकर्षक होगा जब इन्वेस्टर कम इनकम स्लैब में आते हों।

कंपनी द्वारा वापस खरीदे गए शेयरों की कीमत को कैपिटल लॉस माना जाएगा, जिसे किसी भी दूसरे कैपिटल गेन से ऑफसेट किया जा सकता है। अगर इस साल के नुकसान को ऑफसेट करने के लिए काफी कैपिटल गेन नहीं हैं, तो इसे आगे बढ़ाया जा सकता है और आने वाले सालों में कैपिटल गेन से ऑफसेट किया जा सकता है, ज्यादा से ज्यादा आठ साल तक।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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