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GSP Crop Science Ltd के शेयरों की हुई लिस्टिंग, निवेशकों को मिला मामूली मुनाफा

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड March 24, 2026, 10:00 IST

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सारांश

जीएसपी क्रॉप साइंस आईपीओ 400 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू था। इस इश्यू में 75,00,000 फ्रेश शेयर शामिल थे, जिनकी वैल्यू 240 करोड़ रुपये थी और साथ ही 50,00,000 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल कंपोनेंट शामिल था, जिसकी कुल कीमत 160 करोड़ रुपये थी।

आईपीओ

GSP Crop Science लिमिटेड के शेयरो का मार्केट में डेब्यू

आज जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर डेब्यू कर चुके हैं। एनएसई पर शेयर 2.5% के प्रीमियम के साथ 328 रुपये पर लिस्ट हुए, इस तरह से प्रति शेयर निवेशकों को8 रुपये का मुनाफा हुआ है। वहीं बीएसई पर लिस्टिंग 3.84% प्रीमियम के साथ हुई और निवेशकों को प्रति शेयर 12.30 रुपये का फायदा मिला है। बीएसई पर शेयर 332.30 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। 23 मार्च को इनोविजन लिमिटेड के शेयरों ने शेयर मार्केट में डेब्यू किया था, लेकिन निवेशकों को लिस्टिंग में अच्छा खासा नुकसान झेलना पड़ा था।

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GSP Crop Science IPO की डीटेल्स

जीएसपी क्रॉप साइंस आईपीओ 400 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है। इस इश्यू में 75,00,000 फ्रेश शेयर शामिल हैं, जिनकी वैल्यू 240 करोड़ रुपये है और साथ ही 50,00,000 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल कंपोनेंट शामिल है, जिसकी कुल कीमत 160 करोड़ रुपये है। जीएसपी क्रॉप साइंस आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो 16 मार्च को खुला था, जबकि बोली लगाने की आखिरी तारीख 18 मार्च थी। शेयरों का अलॉटमेंट 20 मार्च को फाइनलाइज किया गया था।

GSP Crop Science IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

जीएसपी क्रॉप साइंस आईपीओ का प्राइस बैंड 304 से 320 प्रति शेयर तय किया गया था। एक आवेदन के लिए लॉट साइज 46 शेयर रखा गया। व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी मिनिमम इन्वेस्टमेंट 14,720 रुपये (46 शेयर) रखा गया, वहीं sNII के लिए निवेश की लॉट साइज 14 लॉट (644 शेयर) था, जिसकी वैल्यू 2,06,080 रुपये थी। bNII के लिए यह 68 लॉट (3,128 शेयर) था, जिसकी वैल्यू 10,00,960 रुपये थी।

आईपीओ से जुटाए फंड का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी 170 करोड़ रुपये से लिए गए कुछ बकाया कर्जों का आंशिक या फुल रिपेमेंट करेगी, वहीं 50.32 करोड़ रुपये का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाना है।

GSP Crop Science Ltd. के बारे में

1985 में स्थापित, जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड एक कृषि रसायन (एग्रोकेमिकल) कंपनी है, जो कीटनाशकों, खरपतवारनाशकों, फफूंदनाशकों और पादप वृद्धि नियामकों के निर्माण के बिजनेस में लगी हुई है। कंपनी किसानों को उत्पादकता बढ़ाने में मदद करने के लिए फसल सुरक्षा समाधान प्रदान करती है, जिसमें प्रभावी कीट, खरपतवार और रोग नियंत्रण के लिए फॉर्मूलेशन (सक्रिय तत्व और योजक) और टेक्निकल (सांद्रित सक्रिय तत्व) शामिल हैं। कंपनी अपने खुद के निर्मित कृषि रसायनों का एक विविध पोर्टफोलियो देती है, और ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए फॉर्मूलेशन और टेक्निकल के विकास, निर्माण, आपूर्ति और वितरण के जरिए फसल सुरक्षा समाधान देती है। कंपनी ने 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छह महीनों और वित्तीय वर्ष 2025, 2024 और 2023 में भारत के 20 राज्यों में फैले ग्राहकों को सर्विसेज दी हैं। कंपनी का अंतर्राष्ट्रीय कारोबार 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छह महीनों और वित्तीय वर्ष 2025, 2024 और 2023 में संयुक्त राज्य अमेरिका, उरुग्वे, ब्राजील, वियतनाम, सिंगापुर, यूएई और ऑस्ट्रेलिया सहित 37 देशों में फैला हुआ है, जिसमें लैटिन अमेरिका, एशिया प्रशांत (भारत को छोड़कर), उत्तरी अमेरिका और अन्य भौगोलिक क्षेत्र शामिल हैं। 30 सितंबर, 2025 तक कंपनी को कृषि रसायनों के लिए फॉर्मूलेशन और टेक्निकल कैटेगरी में 524 पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। कंपनी के वर्षों के अनुसंधान एवं विकास प्रयासों के परिणामस्वरूप 102 पेटेंट प्राप्त हुए हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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