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युद्ध के साये में Gen-Z कैसे करें निवेश की प्लानिंग? पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाई करना है बेस्ट तरीका

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड March 09, 2026, 14:02 IST

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सारांश

ईरान-इजरायल युद्ध के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में मचे हड़कंप के बीच युवा निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रिकॉर्ड तोड़ सोने के भाव के बीच पोर्टफोलियो को कैसे संतुलित किया जाए, इसका मास्टर जेन-जी के नजरिए से क्या हो सकता है, आज चलिए समझते हैं।

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ईरान-इजरायल युद्ध के चलते बाजार में मचे कोहराम के बीच जेन-जी कैसे करें निवेश?

भारतीय शेयर बाजार में आज जो कोहराम मचा है, उसने नए दौर के निवेशकों यानी जेन-जी को सोच में डाल दिया है। हफ्ते के पहले ही दिन सेंसेक्स 1875 अंक और निफ्टी करीब 508 अंक टूट गया है। मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों ने ग्लोबल मार्केट की हालत खराब कर दी है। ऐसे समय में जब कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुका हो, जेन-जी निवेशकों को अपने निवेश की प्लानिंग बहुत ही संभलकर करनी चाहिए। बाजार की इस गिरावट को देखकर डरने के बजाय इसे एक मौके की तरह देखना चाहिए, लेकिन इसके लिए एक सही मास्टर प्लान का होना बहुत जरूरी है।

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गिरावट को देखकर घबराएं नहीं

मेरी सबसे पहले बात एक जेन-जी निवेशक अंकित से हुई, जो पिछले दो साल से शेयर बाजार में सक्रिय हैं। अंकित ने बताया कि आज जब उन्होंने निफ्टी बैंक को 1900 अंक से अधिक गिरते देखा, तो एक पल के लिए वे भी सहम गए थे। लेकिन उन्होंने पैनिक सेलिंग यानी घबराहट में शेयर बेचने की गलती नहीं की। अंकित का मानना है कि युद्ध की खबरें थोड़े समय के लिए बाजार को डराती हैं, लेकिन लंबी अवधि में अच्छी कंपनियों के शेयर वापस लौटते हैं। उन्होंने अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि वे इस समय केवल उन शेयर्स को होल्ड कर रहे हैं जिनका फंडामेंटल मजबूत है। अंकित के मुताबिक, यह समय पोर्टफोलियो को बार-बार देखने का नहीं, बल्कि धैर्य रखने का है।

सोने को बनाएं अपना रक्षक

इसके बाद मैंने अनुज से बात की, जो निवेश के मामले में थोड़े रूढ़िवादी हैं। अनुज ने बताया कि उन्होंने अपने पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा सोने और चांदी में लगा रखा है। आज जब भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,59,409 रुपये और चांदी 2,63,310 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड लेवल पर है, तो अनुज काफी सुकून में नजर आए। उनका कहना है कि युद्ध के माहौल में जब शेयर गिरते हैं, तब सोना ही निवेशक की रक्षा करता है। अनुज ने सलाह दी कि हर जेन-जी निवेशक को अपने कुल निवेश का कम से कम 10 से 15 पर्सेंट हिस्सा डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ में जरूर रखना चाहिए ताकि रिस्क कम हो सके।

पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना ना भूलें

अंत में मेरी बात मोनू से हुई, जो डेटा और रिसर्च पर काफी भरोसा करते हैं। मोनू ने बताया कि उन्होंने अपने निवेश को अलग-अलग सेक्टरों में बांट दिया है जिसे डाइवर्सिफिकेशन कहते हैं। उन्होंने देखा कि कच्चे तेल की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई हैं, इसलिए वे अभी उन कंपनियों से दूर हैं जो तेल पर निर्भर हैं। मोनू ने एक बहुत काम की बात कही कि उन्होंने अपनी कुल रकम का 20 पर्सेंट हिस्सा कैश में रखा है। उनका प्लान है कि अगर बाजार और गिरता है, तो वे उस कैश का इस्तेमाल सस्ते भाव में अच्छे शेयर खरीदने के लिए करेंगे। मोनू ने इमरजेंसी फंड की अहमियत पर भी जोर दिया ताकि नौकरी या काम पर संकट आने पर निवेश को हाथ न लगाना पड़े। मोनू अपने मंथली खर्च के हिसाब से 6 महीने का इमरजेंसी फंड हमेशा तैयार रखते हैं।

इन तीनों जेन-जी निवेशकों से बात कर एक बात समझ आ रही है कि किसी भी निवेशक को युद्ध जैसी स्थिति में सबसे पहली प्राथमिकता अपनी सुरक्षा और लिक्विडिटी होनी चाहिए। निवेश शुरू करने से पहले जेन-जी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड मौजूद है। बाजार की इस गिरावट में वही निवेशक टिक पाता है जिसके पास बैकअप प्लान तैयार होता है। आज सेंसेक्स का 77,000 के लेवल के पास आना यह याद दिलाता है कि बाजार कभी भी एक दिशा में नहीं चलता। इसलिए अपनी रिस्क कैपेसिटी को समझें और हर महीने एक छोटी रकम एसआईपी (SIP) के जरिए निवेश करते रहें, जिससे आपको मार्केट की उतार-चढ़ाव का फायदा मिल सके।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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