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  1. कमाई का मौका या रिस्क की टेंशन? Fractal और Aye Finance के IPO में पैसा लगाने का आज है लास्ट डे

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कमाई का मौका या रिस्क की टेंशन? Fractal और Aye Finance के IPO में पैसा लगाने का आज है लास्ट डे

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 11, 2026, 10:18 IST

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सारांश

फ्रैक्टल एनालिटिक्स और आये फाइनेंस के आईपीओ में निवेश करने का आज आखिरी दिन है। दूसरे दिन तक दोनों ही इश्यू को निवेशकों से ठंडा रिस्पॉन्स मिला है। फ्रैक्टल का जीएमपी मामूली बढ़त दिखा रहा है, जबकि आये फाइनेंस का जीएमपी शून्य पर बना हुआ है। आज का दिन निवेशकों के लिए फैसले का है।

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भारतीय शेयर बाजार में दो बड़े आईपीओ अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए आज यानी 11 फरवरी 2026 का दिन काफी हलचल भरा रहने वाला है। आज दो प्रमुख कंपनियों, फ्रैक्टल एनालिटिक्स और आये फाइनेंस के आईपीओ का तीसरा और आखिरी दिन है। अब तक के आंकड़ों को देखें तो निवेशकों का रुझान इन दोनों ही इश्यू की ओर उम्मीद से थोड़ा कम नजर आया है। अगर आप भी इन आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो अंतिम दिन की स्थिति और कंपनियों के कामकाज को बारीकी से समझना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

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Fractal Analytics से है AI सेक्टर को उम्मीद

फ्रैक्टल एनालिटिक्स भारत की पहली ऐसी कंपनी है जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 2,834 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इसमें 1,023.5 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी हिस्सा मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बेचा जाएगा। कंपनी ने इसके लिए 900 रुपये का ऊपरी प्राइस बैंड तय किया है। दूसरे दिन की शाम तक यह आईपीओ कुल 0.09 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था। इसमें खुदरा निवेशकों ने 0.18 गुना रुचि दिखाई है, लेकिन बड़े संस्थागत निवेशकों का हिस्सा अभी भी काफी खाली पड़ा है। ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम मात्र 7 रुपये के आसपास चल रहा है, जो मामूली लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है।

Aye Finance: छोटे कारोबारियों का मददगार

आये फाइनेंस एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है जो सूक्ष्म और लघु उद्योगों को लोन देने का काम करती है। यह कंपनी बाजार से 1,010 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। दूसरे दिन के अंत तक इस आईपीओ को 0.17 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। रिटेल कैटेगरी में यह 0.49 गुना भरा है, जो दिखाता है कि छोटे निवेशक इसमें थोड़ी रुचि ले रहे हैं। हालांकि, इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम फिलहाल शून्य पर बना हुआ है। इसका मतलब है कि बाजार को इसकी लिस्टिंग से फिलहाल किसी बड़े मुनाफे की उम्मीद नहीं दिख रही है। कंपनी का मुख्य काम उन छोटे दुकानदारों और कारखानों को पैसा देना है जिन्हें बड़े बैंक आसानी से लोन नहीं देते।

आईपीओ से मिले पैसों का क्या करेंगी कंपनियां?

निवेशकों के मन में यह सवाल जरूर होता है कि कंपनियां जनता से लिए गए पैसे का इस्तेमाल कहां करेंगी। फ्रैक्टल एनालिटिक्स का कहना है कि वह जुटाए गए पैसों का बड़ा हिस्सा अपनी अमेरिकी सहायक कंपनी का कर्ज चुकाने में खर्च करेगी। इसके अलावा, कंपनी रिसर्च और नए ऑफिस बनाने पर भी निवेश करेगी। वहीं, आये फाइनेंस का लक्ष्य इस पैसे से अपने कैपिटल को मजबूत करना है ताकि वह आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा छोटे कारोबारियों को लोन बांट सके। इससे कंपनी के कारोबार को विस्तार मिलेगा और उसकी बाजार में पकड़ मजबूत होगी।

कमाई और जोखिम के मोर्चे पर क्या है हाल?

मुनाफे की बात करें तो फ्रैक्टल एनालिटिक्स ने बीते साल में अच्छा सुधार दिखाया है। घाटे से निकलकर कंपनी अब मुनाफे की ओर बढ़ रही है। हालांकि, इसका वैल्यूएशन यानी शेयरों की कीमत इसके मुनाफे के मुकाबले काफी महंगी मानी जा रही है। दूसरी तरफ आये फाइनेंस की आय में 40 प्रतिशत की अच्छी बढ़त देखी गई है, लेकिन कंपनी के एनपीए यानी अटके हुए कर्ज में भी इजाफा हुआ है। यह किसी भी फाइनेंस कंपनी के लिए चिंता की बात हो सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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