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  1. आखिर क्यों भारतीय शेयर्स को बेचकर भाग रहे हैं विदेशी निवेशक? महीना पूरा होने से पहले ही निकाले ₹22,529 करोड़

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आखिर क्यों भारतीय शेयर्स को बेचकर भाग रहे हैं विदेशी निवेशक? महीना पूरा होने से पहले ही निकाले ₹22,529 करोड़

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 18, 2026, 13:09 IST

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सारांश

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है। जनवरी 2026 के शुरुआती दिनों में ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 22,529 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।

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साल 2026 की शुरुआत निफ्टी के लिए अच्छी नहीं रही और यह अब तक घाटे में है।

भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की ओर से बिकवाली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस महीने के बीते 16 दिनों के भीतर ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से कुल 22,529 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम निकाल ली है। उसमें भी यह बिकवाली तब देखी जा रही है, जब हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने भारत की ग्रोथ को लेकर भरोसा जताया था।

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बिकवाली के पीछे कारण क्या है?

इस भारी बिकवाली के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं। सबसे प्रमुख कारण कंपनियों की कमजोर कमाई और उनके शेयरों का बढ़ा हुआ मूल्य यानी वैल्यूएशन है। इसके अलावा, अमेरिका और भारत के बीच होने वाले व्यापार समझौते को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई है, उसने भी निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के एक्सपर्ट का कहना है कि विदेशी निवेशक इस महीने लगभग हर दिन बिकवाली कर रहे हैं। यही वजह है कि निफ्टी का इस साल अब तक का रिटर्न निगेटिव रहा है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा कारोबार, जो पिछले साल बाजार पर हावी था, उसका प्रभाव इस साल की शुरुआत में भी देखा जा रहा है।

घरेलू निवेशकों का मिला सहारा

अगर हम पिछले साल यानी 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारतीय बाजार में एक अजीब स्थिति देखने को मिली थी। पिछले साल विदेशी निवेशकों ने कुल 1,66,283 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 7.44 लाख करोड़ रुपये का निवेश करके बाजार को गिरने से बचा लिया था। हालांकि, साल 2026 की शुरुआत में स्थिति थोड़ी अलग है और विदेशी निवेशकों का लगातार बाहर जाना बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

पिछले हफ्ते के कारोबार को देखें तो बाजार काफी हद तक स्थिर रहा है। उठापटक के साथ शुरुआत करने के बाद बेंचमार्क इंडेक्स एक सीमित दायरे में ही घूमते रहे। हफ्ते के अंत में निफ्टी 25,694.35 के स्तर पर और सेंसेक्स 83,570.35 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि कुछ बड़ी आईटी कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे, लेकिन दुनिया भर में जारी तनाव और विदेशी फंडों की लगातार निकासी ने उन सकारात्मक संकेतों के असर को कम कर दिया। बाजार में इस समय काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।

आगे क्या है बाजार की उम्मीद?

आने वाला हफ्ता भारतीय बाजार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है क्योंकि इस दौरान कई जरूरी आंकड़े सामने आएंगे। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के पीएमआई आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही बैंकों के लोन ग्रोथ और विदेशी मुद्रा भंडार के डेटा पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। जानकारों का कहना है कि अगर ये आंकड़े सकारात्मक आते हैं, तो बाजार में कुछ सुधार देखा जा सकता है। लेकिन जब तक विदेशी निवेशक अपनी बिकवाली नहीं रोकते, तब तक बाजार में बड़ी तेजी की उम्मीद करना थोड़ा मुश्किल लग रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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