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NSE IPO पर अपडेट आते ही उछला BSE का शेयर, इसी महीने मिल सकता है नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 12, 2026, 13:24 IST

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सारांश

SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने पिछले हफ्ते कहा था कि NSE के IPO के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसे इसी महीने पूरा किया जा सकता है। यह बयान चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जिससे यह साफ हुआ कि NSE का IPO अब ज्यादा दूर नहीं है।

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NSE IPO

NSE IPO: सितंबर तिमाही में NSE का शुद्ध मुनाफा 33% घटकर ₹2,098 करोड़ रहा।

NSE IPO: आज 12 जनवरी को BSE लिमिटेड के शेयरों में तेज उछाल आया। यह स्टॉक NSE पर 4.5% चढ़कर ₹2,791.60 तक पहुंच गया। NSE के IPO से जुड़ी खबरों के चलते इसके शेयरों में हलचल देखने को मिली। निवेशकों का उत्साह इसलिए बढ़ा क्योंकि NSE के IPO को लेकर एक बार फिर सकारात्मक संकेत मिले हैं। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप 1.12 लाख करोड़ रुपये हो गया।
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दरअसल, SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने पिछले हफ्ते कहा था कि NSE के IPO के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसे इसी महीने पूरा किया जा सकता है। यह बयान चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जिससे यह साफ हुआ कि NSE का IPO अब ज्यादा दूर नहीं है।

NSE के MD और CEO ने क्या कहा?

NSE के MD और CEO आशीष कुमार चौहान पहले भी कह चुके हैं कि एक्सचेंज को सिर्फ SEBI की मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद वह IPO से जुड़ा ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट तैयार करेगा। NSE के पास पहले से ही करीब 1.72 लाख शेयरधारक हैं और इसमें कोई प्रमोटर हिस्सेदारी नहीं है, जिससे यह साफ होता है कि कंपनी लिस्टिंग के लिए संस्थागत रूप से तैयार है।

अगर अन्य कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों की बात करें, तो तस्वीर थोड़ी मिली-जुली रही। CDSL के शेयर करीब 0.7% बढ़कर ₹1,418.90 पर कारोबार कर रहे थे। वहीं NSDL के शेयर करीब 1% गिरकर ₹1,028.85 पर आ गए। CAMS के शेयरों में भी करीब 1.5% की गिरावट देखने को मिली।

NSE का Q2 FY26 का प्रदर्शन

कमाई के मोर्चे पर देखें तो NSE का Q2 FY26 का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। सितंबर तिमाही में NSE का शुद्ध मुनाफा 33% घटकर ₹2,098 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,137 करोड़ था। हालांकि, अगर SEBI से जुड़े एक बड़े प्रोविजन को हटा दें, तो NSE का एडजस्टेड मुनाफा ₹3,396 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 16% ज्यादा है।

असल में, NSE ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों से जुड़े सेटलमेंट के लिए ₹1,297 करोड़ का प्रोविजन किया है। इस मामले में SEBI की तरफ से अभी अंतिम फैसला आना बाकी है और इसका नतीजा फिलहाल साफ नहीं है। यही वजह है कि मुनाफे के आंकड़ों में गिरावट दिखी, लेकिन ऑपरेशनल तौर पर एक्सचेंज की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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