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  1. BHEL का शेयर करीब 5% तक उछला, गुरुवार को 9% की आई थी गिरावट, क्या है इस उतार-चढ़ाव की वजह?

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BHEL का शेयर करीब 5% तक उछला, गुरुवार को 9% की आई थी गिरावट, क्या है इस उतार-चढ़ाव की वजह?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 09, 2026, 12:40 IST

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सारांश

BHEL ने बताया कि उसे ओडिशा के झारसुगुड़ा में कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट प्रोजेक्ट के लिए करीब ₹5400 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर भारत कोल गैसिफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड से मिला है, जो BHEL और कोल इंडिया की जॉइंट वेंचर कंपनी है।

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BHEL ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए ट्रैक्शन कन्वर्टर की सप्लाई भी शुरू कर दी है।

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों में आज 09 जनवरी को करीब 5 फीसदी तक की तेजी देखी गई। रिपोर्ट लिखे जाने के समय यह स्टॉक BSE पर 1.43 फीसदी की बढ़त के साथ 276.20 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहा था। दरअसल, कंपनी को ओडिशा के झारसुगुड़ा में कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट प्रोजेक्ट के लिए नया ऑर्डर मिला है। इस खबर के बाद आज इसके शेयरों में तेजी नजर आ रही है। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 96,174.59 करोड़ रुपये हो गया है।

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BHEL को मिला नया ऑर्डर

BHEL ने बताया कि उसे ओडिशा के झारसुगुड़ा में कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट प्रोजेक्ट के लिए करीब ₹5400 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर भारत कोल गैसिफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड से मिला है, जो BHEL और कोल इंडिया की जॉइंट वेंचर कंपनी है। इस प्रोजेक्ट में कोयले को गैस में बदलने और उससे जुड़े प्लांट लगाने का काम शामिल है।

इसके अलावा BHEL ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए ट्रैक्शन कन्वर्टर की सप्लाई भी शुरू कर दी है। ये कन्वर्टर बेंगलुरु प्लांट से कोलकाता भेजे जा रहे हैं, जहां ट्रेनों की फाइनल असेंबली होगी। कंपनी का कहना है कि वह पावर, ट्रांसमिशन, रेलवे, डिफेंस और इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीक देने में अहम भूमिका निभा रही है।

गुरुवार को 9% तक टूट गए थे शेयर

BHEL के शेयरों में गुरुवार को भारी बिकवाली हुई थी, जिसके चलते यह करीब 9 फीसदी तक टूट गया था। शेयर में इस तेज गिरावट की बड़ी वजह यह खबर मानी जा रही है कि वित्त मंत्रालय सरकारी ठेकों में चीनी कंपनियों पर लगे पांच साल पुराने प्रतिबंध को हटाने पर विचार कर रहा है। इससे निवेशकों को डर है कि BHEL जैसी घरेलू कंपनियों को अब ज्यादा प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।

BHEL का कारोबार

BHEL की स्थापना 1964 में हुई थी और यह भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है। कंपनी ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में काम करती है। यह थर्मल, हाइड्रो, न्यूक्लियर और सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ ट्रांसमिशन, रेलवे, डिफेंस और ऑयल एंड गैस से जुड़े प्रोडक्ट्स और सर्विसेज देती है। इसके अलावा BHEL इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी काम कर रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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