return to news
  1. BCCL IPO: आखिरी दिन तक 147 गुना भरा, रिटेल से QIBs और शेयरहोल्डर कोटा तक, हर कैटेगरी में तगड़ा रिस्पॉन्स

मार्केट न्यूज़

BCCL IPO: आखिरी दिन तक 147 गुना भरा, रिटेल से QIBs और शेयरहोल्डर कोटा तक, हर कैटेगरी में तगड़ा रिस्पॉन्स

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड January 13, 2026, 17:43 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

BCCL IPO: आईपीओ से जुड़ी तारीखों की बात करें तो अब शेयरों का अलॉटमेंट 14 जनवरी को फाइनल होगा। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 15 जनवरी को रिफंड मिलेगा और उसी दिन जिनको शेयर अलॉट हुए हैं, उनके डिमैट अकाउंट में शेयर आ जाएंगे।

Bharat Coking Coal ipo

Bharat Coking Coal Ltd देश की सबसे बड़ी घरेलू कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है।

BCCL IPO: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के आईपीओ को सब्सक्रिप्शन के आखिरी दिन भी निवेशकों का तगड़ा रिस्पॉन्स मिला। आज 13 जनवरी तक यह पब्लिक इश्यू कुल 146.80 गुना सब्सक्राइब हो गया है। इसे कुल 50,93,16,75,600 शेयरों के लिए बोलियां मिली है जबकि ऑफर पर 34,69,46,500 शेयर हैं। इस आईपीओ को लेकर सभी कैटेगरी के निवेशकों में जबरदस्त क्रेज दिखा। सबसे ज्यादा सब्सक्रिप्शन क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए रिजर्व हिस्से को मिला।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

BCCL IPO के सब्सक्रिप्शन आंकड़े

  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs)- 310.81 गुना
  • नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) - 258.02 गुना
  • रिटेल इनवेस्टर्स - 49.25 गुना
  • एम्प्लॉयीज रिजर्व्ड - 5.17 गुना
  • शेयरहोल्डर कोटा - 87.20 गुना
  • टोटल - 146.80 गुना
  • (13 Jan 2026 | 05:27:00 AM)

BCCL IPO के जरूरी डेट्स

BCCL के आईपीओ का इश्यू साइज 1,071.11 करोड़ रुपये है, जिसके लिए 21-23 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था। आईपीओ से जुड़ी तारीखों की बात करें तो अब शेयरों का अलॉटमेंट 14 जनवरी को फाइनल होगा। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 15 जनवरी को रिफंड मिलेगा और उसी दिन जिनको शेयर अलॉट हुए हैं, उनके डिमैट अकाउंट में शेयर आ जाएंगे। कंपनी के शेयर 16 जनवरी को NSE और BSE पर लिस्ट होंगे।

Bharat Coking Coal का बिजनेस

Bharat Coking Coal Ltd देश की सबसे बड़ी घरेलू कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है। वित्त वर्ष 2025 में भारत में होने वाले कुल कोकिंग कोल उत्पादन का करीब 58.5 प्रतिशत हिस्सा इसी कंपनी का था। कोकिंग कोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्टील बनाने में होता है, इसलिए यह कोयला काफी अहम माना जाता है।

BCCL की लिस्टिंग सरकार की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर उनकी वैल्यू को अनलॉक किया जा रहा है और बाजार के जरिए ज्यादा पारदर्शिता लाई जा रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

अगला लेख