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3 min read | अपडेटेड April 20, 2026, 15:54 IST
सारांश
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही के शानदार कंसोलिडेटेड नतीजे पेश किए हैं। बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 36 पर्सेंट बढ़कर 2,044.88 करोड़ रुपये हो गया है। बैंक ने अपने निवेशकों के लिए 1.20 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने शानदार नतीजे पेश किए हैं।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने सोमवार को अपने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही और पूरे साल के वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। बैंक की तरफ से जारी कंसोलिडेटेड आंकड़ों को देखें तो यह बैंक के लिए एक बेहतरीन तिमाही साबित हुई है। बैंक ने न केवल अपने मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, बल्कि अपनी एसेट क्वालिटी को भी पहले से काफी बेहतर बनाया है।
मार्च 2026 को खत्म हुई इस तिमाही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 2,044.88 करोड़ रुपये (2,04,488 लाख रुपये) रहा है। अगर हम इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही यानी मार्च 2025 से करें, जब बैंक को 1,502.32 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था, तो इसमें करीब 36 पर्सेंट की धमाकेदार बढ़ोतरी देखी गई है। बैंक की कुल रेवेन्यू यानी टोटल इनकम भी इस तिमाही में बढ़कर 8,693.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है, जो पिछले साल इसी दौरान 7,711.76 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो बैंक ने कुल 7,016.86 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल के 5,541.78 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है।
बैंक ने अपने शेयरधारकों को मुनाफे का हिस्सा देने के लिए डिविडेंड की भी घोषणा की है। बैंक के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 12 पर्सेंट यानी 1.20 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बैंक ने इसी साल जनवरी में 1 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड पहले ही दे दिया था, और अब यह नया डिविडेंड उसके अतिरिक्त होगा। हालांकि, इस फाइनल डिविडेंड के लिए अभी सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है।
बैंक ने अपने भविष्य के ऑपरेशन्स और बिजनेस विस्तार को ध्यान में रखते हुए बड़ी पूंजी जुटाने का फैसला लिया है। बैंक के बोर्ड ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 7,500 करोड़ रुपये तक की इक्विटी कैपिटल जुटाने को मंजूरी दे दी है। यह फंड क्यूआईपी (QIP), एफपीओ (FPO) या राइट्स इश्यू जैसे तरीकों से जुटाया जा सकता है। इसके अलावा बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 10,000 करोड़ रुपये तक के लॉन्ग टर्म इंफ्रा बॉन्ड जारी करने की भी योजना बनाई है। साथ ही विदेशी बाजारों से फंड जुटाने के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विदेशी मुद्रा बॉन्ड जारी करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
बैंक के लिए सबसे अच्छी खबर उसकी एसेट क्वालिटी को लेकर आई है। बैंक के ग्रॉस एनपीए (NPA) के आंकड़ों में बड़ी गिरावट देखी गई है। मार्च 2026 के अंत तक बैंक का ग्रॉस NPA घटकर 1.45 पर्सेंट पर आ गया है, जो पिछले साल मार्च 2025 में 1.74 पर्सेंट के स्तर पर था। इसी तरह बैंक का नेट एनपीए भी 0.18 पर्सेंट से घटकर अब मात्र 0.13 पर्सेंट रह गया है। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो भी 98.59 पर्सेंट के बहुत ही मजबूत लेवल पर पहुंच गया है। बैंक के पास अभी भी 1,010 करोड़ रुपये का एडिशनल कोविड-19 रिलेटेड कंटीजेंसी प्रोविजन मौजूद है।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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