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  1. 13 दिनों में क्यों इतनी फीकी पड़ गई सोने की चमक, गोल्ड के दाम को लेकर क्यों बदला ट्रेंड?

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13 दिनों में क्यों इतनी फीकी पड़ गई सोने की चमक, गोल्ड के दाम को लेकर क्यों बदला ट्रेंड?

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 23, 2026, 11:36 IST

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सारांश

मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच ऐसा लग रहा था कि सोने के दाम सरपट भागेंगे, लेकिन ट्रेंड फिलहाल इससे एकदम उलट देखने को मिला है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का क्या कहना है, क्या गोल्ड में अभी और गिरावट आएगी या फिर आने वाले समय में फिर से सोने की कीमत में तेजी देखने को मिलेगी?

गोल्ड रेट

13 दिनों में सोने की कीमतों में क्यों दिखा इतना ज्यादा बदलाव?

पिछले सप्ताह के बाद से सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। सोने ने लगभग 40 सालों में अपनी सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट दर्ज की है, सोने का दाम 4,354 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। 10 दिन में सोने का दाम 5,200 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस से इस लेवल तक आ गया है। 10 मार्च को जहां सोने का दाम 5,200 डॉलर प्रति औंस था, वहीं 23 मार्च को यह 4,354 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच ऐसा लग रहा था कि सोने के दाम सरपट भागेंगे, लेकिन ट्रेंड फिलहाल इससे एकदम उलट देखने को मिला है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का क्या कहना है, क्या गोल्ड में अभी और गिरावट आएगी या फिर आने वाले समय में फिर से सोने की कीमत में तेजी देखने को मिलेगी?

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क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाल ही में सोने की कीमतों में आई तेज गिरावट का सबसे बड़ा कारण मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची वास्तविक ब्याज दरें हैं, जिन्होंने गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति के रूप में सोने की मांग को कम कर दिया है। एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा कि कुछ निवेशकों द्वारा नकदी जुटाने के लिए की गई बिकवाली ने भी कीमतों पर दबाव डाला है। यह गिरावट उस समय आई है जब ग्लोबल लेवल पर अनिश्चितता बनी हुई है, जहां आमतौर पर सोने को एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। हालांकि, इस बार सोना अपेक्षित रूप से प्रदर्शन नहीं कर पाया।

निवेश को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह?

वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोने के दामों में यह गिरावट लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक मौके की तरह है। फिलिप नोवा की मार्केट एनालिस्ट प्रियंका सचदेव ने वॉल स्ट्रीट जनरल से कहा कि लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह किसी मौके से कम नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने की कीमतें आने वाले समय में और नीचे जा सकती हैं, और यह लगभग 4,150 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक आ सकती हैं, इससे पहले कि इसमें स्थिरता आए। फिर भी, उनका मानना है कि यह गिरावट लंबी अवधि के बुलिश ट्रेंड (तेजी के रुझान) का हिस्सा है और निवेशकों को चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने पर विचार करना चाहिए। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
ANI इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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