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Adani Group Shares: अडानी ग्रुप के शेयर्स 4% तक टूटे, US एजेंसी ने रिश्वत मामले में भारत से मांगी है मदद

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 19, 2025, 13:21 IST

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सारांश

Adani Group Bribery Case: US SEC ने 20 नवंबर को गौतम और सागर अडाणी के खिलाफ अमेरिका के फेडरल सिक्यॉरिटीज कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया था।

गौतम अडानी के ग्रुप पर गलत जानकारियां देने का आरोप।

गौतम अडानी के ग्रुप पर गलत जानकारियां देने का आरोप।

अमेरिका में धोखाधड़ी के आरोपों के घेरे में आए भारत के सबसे अमीर व्यापारियों में से एक गौतम अडानी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिकी सिक्यॉरिटी ऐंड एक्सचेंज कमीशन (US Securities and Exchange Commission, SEC) ने भारत से अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे, सागर अडानी के खिलाफ शिकायती नोटिस देने के लिए सहयोग का आग्रह किया है।

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शेयर बाजार में असर

अमेरिकी एजेंसी की रिपोर्ट सामने आने के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर्स बुधवार को गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे। Adani Enterprises, Adani Ports & SEZ, Adani Green Energy करीब 4% तक टूट गए। सबसे ज्यादा घाटा Adani Enterprises और Adani Green Energy को होता दिखा। Adani Enterprises के शेयर्स 4.3% जबकि Adani Green Energy के शेयर्स 4.25% तक लुढ़क गए।

आयोग ने दाखिल की रिपोर्ट

SEC अडानी के खिलाफ $26.5 करोड़ की रिश्वत के मामले की जांच कर रहा है। आयोग ने इस केस पर नोटिस पहुंचाने के लिए न्यूयॉर्क के ‘यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ में एक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा है कि गौतम अडाणी और सागर अडाणी दोनों भारत में बसे हैं। उन्हें नोटिस जारी करने के लिए आयोग कोशिशें कर रहा है। SEC ने कोर्ट को बताया कि इसके लिए हेग सर्विस कन्वेन्शन (Hague Service Convention) के तहत भारतीय अधिकारियों से मदद मांगी गई है।

क्या है मामला?

SEC ने 20 नवंबर को गौतम और सागर अडाणी के खिलाफ अमेरिका के फेडरल सिक्यॉरिटीज कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। आयोग का आरोप है कि Adani Green Energy Ltd से जुड़े साल 2021 में $75 करोड़ के कर्ज के एक मामले में गलत और भ्रामक जानकारियां दी गई थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोग ने अडानी और उनके कानूनी प्रतिनिधियों से कॉन्टैक्ट किया है और उन्हें नोटिस भेजा है।

आयोग का कहना है कि आरोपियों के दूसरे देश में होने के कारण हेग सर्विस कन्वेन्शन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किए गए तरीकों से नोटिस भेजा जा सकता है।

पिछले साल से जारी कार्रवाई

SEC ने पिछले साल नवंबर में गौतम अडाणी, सागर अडाणी और एज्योर पॉवर ग्लोबल लिमिटेड (Azure Power Global Ltd.) के कार्यकारी अधिकारी सिरिल कैबनेस पर व्यापक स्तर पर रिश्वतखोरी की योजना की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

इसके साथ ही न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटर्नी कार्यालय ने गौतम और सागर अडाणी और कैबनेस के अलावा अडाणी ग्रीन और एज्योर पावर से जुड़े दूसरे लोगों के खिलाफ आपराधिक आरोप लगाए थे।

अडाणी पर अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने सोलर पावर प्रॉजेक्ट हासिल करने के बदले भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिश्वत देने की कथित साजिश में उनकी भूमिका के लिए अभियोग लगाया जा रहा है।

अडानी ग्रुप ने किया खंडन

अडाणी समूह ने हालांकि अमेरिकी न्याय मंत्रालय और SEC की ओर से लगाए गए आरोपों को ‘निराधार’ करार दिया और इनका खंडन किया है। अडाणी समूह के प्रवक्ता ने अमेरिकी न्याय मंत्रालय के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि ‘अभियोग में लगाए गए आरोप तब तक केवल आरोप हैं जब तक वे दोषी ना करार दे दिए जाएं। समूह ने कहा कि वह ‘सभी संभव कानूनी विकल्प तलाश सकता है।’

(भाषा इनपुट्स समेत)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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