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3 min read | अपडेटेड March 27, 2025, 14:07 IST
सारांश
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि Tesla और SpaceX के मालिक Elon Musk एक देशभक्त हैं जो अब दोस्त बन गए हैं। वहीं, मस्क ने बताया है कि ट्रंप के गाड़ियों पर 25% टैरिफ लगाने के फैसले से टेस्ला पर भी गहरा असर होगा। मस्क ने राष्ट्रपदि पद के चुनाव के दौरान ट्रंप का साथ दिया था। ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद मस्क को DOGE का भार सौंप दिया।

डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के बीच दोस्ती राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार अभियान से ही चर्चा में है। (तस्वीर: Shutterstock)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और Tesla के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) के बीच करीबी जगजाहिर रही है। ट्रंप ने मस्क पर भरोसा जताने के लिए मीडिया के सामने एक टेस्ला गाड़ी तक खरीद डाली थी।
अब ट्रंप ने बकायदा दुनिया के सबसे अमीर शख्स मस्क को अपना दोस्त बताया है और कहा है कि मस्क ने कभी उनके कोई फेवर नहीं मांग है। वहीं, मस्क ने ट्रंप के गाड़ियों पर टैरिफ ऐलान के बाद कहा है कि इसके असर से टेस्ला भी अछूती नहीं है।
दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद की गद्दी पर बैठने के पहले से ट्रंप और SpaceX मालिक ट्रंप के बीच दोस्ती साफ थी। चुनावी प्रचार अभियान के दौरान भी मस्क ने लगातार ट्रंप का समर्थन किया। अपनी दूसरी कैबिनेट बैठक के बाद ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए ऐलान किया कि ‘देशभक्त’ मस्क उनके दोस्त हैं।
ट्रंप ने कहा, ‘एलन, मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं जानता हूं कि इस भयानक हालात में आप मुश्किलों से गुजर रहे हैं, अमेरिका को बचाते हुए।’ उन्होंने आगे कहा कि मस्क देशभक्त हैं और अब दोस्त बन चुके हैं। ट्रंप ने साफ किया कि मस्क ने कभी उनसे कोई चीज या फेवर नहीं मांगा है जबकि वह मांग सकते थे।
ट्रंप ने बुधवार को ऐलान किया है कि ऐसी सभी गाड़ियों पर अब 25% टैरिफ लगेगा जो अमेरिका में नहीं बन रही हैं। ये टैरिफ 3 अप्रैल से पैसेंजर गाड़ियों, लाइट ट्रक से लेकर जरूरी ऑटो पार्ट्स तक पर लागू होंगे।
मस्क का कहना है कि टैरिफ से उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी को भी काफी नुकसान होगा। मस्क ने X (पहले ट्विटर) पर एक यूजर को जवाब देते हुए कहा कि टेस्ला टैरिफ के असर से बची नहीं है और कंपनी पर टैरिफ का गहरा असर होगा। दरअसल, टेस्ला के लिए टाटा ऑटोकॉर्प, टाटा कंसल्टंसी सर्विसेज, टाटा टेक्नॉलजी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अहम सप्लायर हैं।
वहीं, वायरिंग हारनेस, इलेक्ट्रिक मोटर, गियरबॉक्स जैसे उपकरण भी भारत की Samvardhana Motherson, Suprajit Engineering और Bharat Forge जैसी कंपनियों से आते हैं।
राष्ट्रपति पद पर बैठने के बाद ट्रंप प्रशासन ने जनवरी में डिपार्टमेंट ऑफ गवर्न्मेंट एफिशेंसी (Department of Government Efficiency, DOGE) की नींव रखी थी। फेडरल टेक्नॉलजी और सॉफ्टवेयर को मॉडर्नाइज करते हुए सरकार की क्षमता और उत्पादकता तको बढ़ाने के लक्ष्य से इस विभाग को बनाया गया था।
ट्रंप ने मस्क को इसका हेड बनाया है। हाल ही में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA में वर्कफोर्स कम करने के फैसले के पीछे DOGE का प्रस्ताव बताया गया था। ऐसे कई फैसलों को लेकर मस्क की ट्रंप से नजदीकी पर सवाल उठते रहे हैं जिसका नुकसान टेस्ला को उठाना पड़ा है।
कंपनी की सेल्स में पिछले कुछ वक्त में काफी गिरावट देखी गई है जिससे इसके शेयर्स भी गोता लगाते नजर आए हैं।
ट्रंप का कहना है कि दुनियाभर के देशों ने अमेरिका पर भारी टैरिफ लगाए हैं और अब जवाबी टैरिफ लगाकर वह देश में नौकरियां और फैक्ट्रियां बढ़ाएंग जिससे देश का पैस बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने बुधवार को कहा कि कई साल से अमेरिका में बिजनेस करने और नौकरियां, संपत्ति लेने वाले देशों पर अब चार्ज लगेगा।
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