return to news
  1. US-Iran डील पर सस्पेंस बरकरार: किन मुद्दों पर बनी सहमति, कहां फंसा मामला?

बिजनेस न्यूज़

US-Iran डील पर सस्पेंस बरकरार: किन मुद्दों पर बनी सहमति, कहां फंसा मामला?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड June 12, 2026, 14:12 IST

सारांश

डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा देगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना अब रद्द कर दी गई है।

US Iran

रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान ने अभी तक अमेरिका के साथ किसी भी मसौदा समझौते को मंजूरी नहीं दी है। (Image: shutterstock)

US-Iran Deal: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर आगे कोई सैन्य हमला नहीं करेगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच एक संभावित समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। ट्रंप का दावा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Mojtaba Khamenei ने इस समझौते को मंजूरी दे दी है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज किया है। ईरानी समाचार एजेंसी Fars के अनुसार तेहरान ने अभी तक अमेरिका के साथ किसी भी मसौदा समझौते को मंजूरी नहीं दी है। इससे साफ है कि दोनों पक्षों के दावों में अभी भी बड़ा अंतर बना हुआ है।

समझौते में क्या-क्या शामिल होने का दावा?

ट्रंप के मुताबिक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा देगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना अब रद्द कर दी गई है।

इसके अलावा, दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी जल्द दोबारा खोलने की उम्मीद जताई गई है। ट्रंप का कहना है कि ईरान समझौते को लेकर सकारात्मक है और उन्हें भरोसा है कि कोई न कोई रास्ता निकल आएगा।

इजराइल की क्या शर्त है?

इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि किसी भी अंतिम समझौते के तहत ईरान को अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को छोड़ना होगा। साथ ही उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इजराइल लंबे समय से यह मांग करता रहा है कि किसी भी समझौते में केवल परमाणु कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया जाए।

किन मुद्दों पर अभी बातचीत जारी है?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हालिया वार्ता में तीन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई है। पहला, विदेशों में जमी हुई ईरानी संपत्तियों को किस तरीके से जारी किया जाए। यह ईरान के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक माना जा रहा है।

दूसरा, प्रस्तावित 60 दिन के सीजफायर के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की व्यवस्था। तीसरा, संघर्षविराम के दौरान और उसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत किस ढांचे के तहत होगी।

अभी अंतिम मंजूरी बाकी

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी अधिकारियों ने कुछ देशों को बताया है कि बातचीत में सिद्धांत रूप से सहमति बन गई है। लेकिन किसी भी समझौते को लागू करने से पहले सर्वोच्च नेता की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी। वहीं ईरान और कतर के अधिकारियों का कहना है कि हालिया अमेरिकी हमलों के बाद ईरान में अमेरिका की मंशा को लेकर संदेह बढ़ा है, जिससे कूटनीतिक प्रक्रिया और जटिल हो गई है।

अगला लेख