return to news
  1. Union Budget 2026: एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की मांग, एविएशन सेक्टर को बजट से ये है उम्मीदें

बिजनेस न्यूज़

Union Budget 2026: एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की मांग, एविएशन सेक्टर को बजट से ये है उम्मीदें

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 27, 2026, 19:07 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

Union Budget 2026: सबसे बड़ी उम्मीद एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की है। माना जा रहा है कि सरकार ज्यादा फंड देकर नए एयरपोर्ट बनाएगी, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में। साथ ही मौजूदा एयरपोर्ट की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।

Union Budget 2026

Union Budget 2026: भारत का घरेलू एविएशन मार्केट दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बन चुका है।

Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी को पेश करेंगी। इस बजट में डिफेंस, रेलवे, एविएशन जैसे बड़े सेक्टरों पर खास नजर रहेगी। एविएशन इंडस्ट्री को भी इस बार बजट से काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह सेक्टर इस समय कई मुश्किलों से गुजर रहा है। FY26 की शुरुआत ही एविएशन सेक्टर के लिए चुनौती भरी रही। अहमदाबाद में एयर इंडिया की दुखद फ्लाइट दुर्घटना, दिल्ली एयरपोर्ट की तकनीकी गड़बड़ी और दिसंबर में IndiGo की फ्लाइट में भारी रुकावट जैसी घटनाएं सामने आईं।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट

भारत का घरेलू एविएशन मार्केट दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बन चुका है। लोगों की आमदनी बढ़ने, हवाई यात्रा को प्राथमिकता मिलने और शहरों के तेजी से फैलने की वजह से यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2014 में जहां देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे, वहीं सितंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 162 हो गई है। FY25 में करीब 41.4 करोड़ यात्रियों ने भारतीय एयरपोर्ट्स का इस्तेमाल किया। इस साल नवी मुंबई, जेवर और भोगापुरम जैसे नए एयरपोर्ट जुड़ने से यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।

इसके बावजूद, रेटिंग एजेंसी ICRA का कहना है कि FY26 में एविएशन सेक्टर को करीब ₹17,000–₹18,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है, जबकि पिछले साल यह नुकसान ₹5,600 करोड़ था। इसकी वजह है जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें, कई विमान ग्राउंड पर खड़े रहना और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी। ऐसे मिले-जुले हालात में इंडस्ट्री, निवेशकों और यात्रियों को बजट 2026 से काफी उम्मीदें हैं।

एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की उम्मीद

सबसे बड़ी उम्मीद एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की है। माना जा रहा है कि सरकार ज्यादा फंड देकर नए एयरपोर्ट बनाएगी, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में। साथ ही मौजूदा एयरपोर्ट की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। यह सब UDAN योजना के तहत होगा, जिसका मकसद आम लोगों को सस्ती और भरोसेमंद हवाई यात्रा देना है।

नई एयरलाइंस को मंजूरी की मांग

एक और बड़ी मांग है नई एयरलाइंस को मंजूरी देना। अभी IndiGo और Air India का दबदबा है। इसे तोड़ने के लिए सरकार ने हाल ही में तीन नई एयरलाइंस Shankh Air, Al Hind Air और FlyExpress — को मंजूरी दी है, जो 2026 से उड़ान शुरू कर सकती हैं। बजट में नई कंपनियों को शुरुआती सालों में टैक्स में राहत देने जैसे ऐलान भी हो सकते हैं।

एयरलाइंस की सबसे बड़ी लागत एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) होती है, जो कुल खर्च का 30–40% हिस्सा है। जनवरी 2026 में ATF की कीमतें साल-दर-साल 2.2% ज्यादा थीं। इसलिए इंडस्ट्री चाहती है कि ATF को GST के दायरे में लाया जाए या राज्यों का VAT कम किया जाए, जिससे कंपनियों को बड़ी राहत मिले।

इसके अलावा बजट में एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर करने, देश में ही विमान की मरम्मत (MRO) सुविधाएं बढ़ाने और तकनीकी ट्रेनिंग पर भी फोकस हो सकता है। कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ये कदम उठाए जाते हैं, तो बजट 2026 भारतीय एविएशन सेक्टर की भविष्य की ग्रोथ के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

मार्केट में हलचल?
स्मार्ट टूल्स के साथ आगे बढ़ें
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख