बिजनेस न्यूज़
.png)
3 min read | अपडेटेड January 28, 2026, 09:32 IST
सारांश
सोने की कीमतों में इस साल अब तक 20 प्रतिशत की बढ़त हो चुकी है, जबकि चांदी 50 प्रतिशत से ज्यादा महंगी हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद डॉलर इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई है, जिसका सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिल रहा है। घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।
दुनिया भर के बाजारों में सोने की चमक आज कुछ ज्यादा ही तेज नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों ने एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करते हुए 5,200 डॉलर प्रति औंस के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक अब सुरक्षित निवेश के लिए सोने और चांदी की तरफ तेजी से दौड़ रहे हैं। हाजिर सोना 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,209.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है, जो इसके अब तक के उच्चतम स्तर 5,210.28 डॉलर के बेहद करीब है। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी 2.39 प्रतिशत का बड़ा उछाल देखा गया है।
28 जनवरी को MCX बुलियन बाजार की शुरुआत तेज मजबूती के साथ हुई, जहां सोना 3201 रुपये या 2.03% की उछाल के साथ 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा और शुरुआती कारोबार में मजबूत खरीदारी का संकेत दिया। सोने ने दिन के दौरान 1,59,900 से 1,62,429 रुपये का दायरा दिखाया, जो इसके बुलिश ट्रेंड को दर्शाता है। वहीं चांदी में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली और यह 19,683 रुपये या 5.52% चढ़कर 3,75,962 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जिससे निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी साफ झलकती है।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी का रुख बना हुआ है। चांदी के वायदा भाव आज 7.3 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ 113.66 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंचे हैं। वहीं हाजिर चांदी भी 1.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 113.71 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है। इस साल की शुरुआत से ही चांदी ने निवेशकों को मालामाल किया है और इसमें अब तक 50 प्रतिशत से अधिक की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
सोने और चांदी की कीमतों में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे अमेरिकी डॉलर की कमजोरी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद डॉलर इंडेक्स पिछले चार साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें डॉलर की वैल्यू में गिरावट की कोई चिंता नहीं है और वे मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव की उम्मीद करते हैं। उनके इस बयान के बाद मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा में 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो अप्रैल के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है।
भारतीय बाजार में भी कीमती धातुओं के दाम अब आम आदमी की पहुंच से दूर होते दिख रहे हैं। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,58,901 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। वहीं अगर चांदी की बात करें तो इसकी कीमत 3,44,564 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। इस हफ्ते पहली बार सोने ने 5,000 डॉलर के अंतरराष्ट्रीय स्तर को पार कर एक नया मील का पत्थर हासिल किया है।
एक्सपर्ट की मानें तो जब तक वैश्विक बाजारों में डॉलर की स्थिति कमजोर बनी रहेगी और राजनीतिक अनिश्चितता का दौर जारी रहेगा, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आने की संभावना कम है। इस साल अब तक सोना लगभग 20 प्रतिशत तक महंगा हो चुका है। ऐसे में निवेशक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या सोना जल्द ही 5,300 डॉलर के अगले बड़े स्तर को चुनौती देगा।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख
How To Use Open Interest For Intraday Trading: Complete Guide
What Is Stop Loss In Trading? Meaning, Types, & How To Use It
What Is ICRA? Why Its Credit Ratings Matter To Investors
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs