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  1. डॉलर के मुकाबले कितना और टूटा रुपया? $1 की कीमत पहुंची ₹90 के करीब, किन वजहों से हुआ ऐसा?

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डॉलर के मुकाबले कितना और टूटा रुपया? $1 की कीमत पहुंची ₹90 के करीब, किन वजहों से हुआ ऐसा?

Upstox

2 min read | अपडेटेड December 02, 2025, 12:12 IST

सारांश

रुपया सोमवार को दिन के कारोबार में 89.79 प्रति डॉलर तक गिरने के बाद 89.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 99.41 पर रहा।

USD vs INR

डॉलर के मुकाबले कितना और टूटा रुपया?

विदेशी बाजारों में अमेरिकी करेंसी की व्यापक मजबूती और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के कारण रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 32 पैसे टूटकर 89.85 प्रति डॉलर के ऑल-टाइम लोएस्ट लेवल पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि कंपनियों, आयातकों और विदेशी निवेशकों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग ने रुपये पर दबाव डाला है। आज से ठीक एक साल पहले की बात करें तो एक डॉलर की कीमत 84.72 रुपये थी, जो आज 90 के करीब पहुंच चुकी है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.70 पर खुला। फिर 89.85 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड लोएस्ट लेवल पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 32 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

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रुपया सोमवार को दिन के कारोबार में 89.79 प्रति डॉलर तक गिरने के बाद 89.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 99.41 पर रहा। घरेलू शेयर मार्केट के मोर्चे पर शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 223.84 पॉइंट या 0.26% की गिरावट के साथ 85,418.06 अंक पर जबकि निफ्टी 59 पॉइंट या 0.23% की फिसलकर 26,116.75 पॉइंट पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.03% की गिरावट के साथ 63.15 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर मार्केट के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,171.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने के अहम कारण
विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी निवेशक भारतीय शेयर मार्केट से अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिससे डॉलर की मांग बढ़ रही है और रुपया कमजोर हो रहा है।
ट्रेड डिफिसिट: भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है, जिसका मतलब है कि हम आयात पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं और निर्यात से कम कमा रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतें: कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे आयात बिल बढ़ रहा है और रुपया कमजोर हो रहा है।
डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है, जिससे अन्य मुद्राएं कमजोर हो रही हैं।
आरबीआई की नीतियां: भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियां भी रुपये की गिरावट को प्रभावित कर रही हैं।
ग्लोबल अस्थिरता: ग्लोबल आर्थिक अस्थिरता भी रुपये की गिरावट का एक कारण है।
PTI इनपुट्स के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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