return to news
  1. रुपये में भारी गिरावट: पहली बार 94 के पार, जानिए क्यों टूटा रिकॉर्ड

बिजनेस न्यूज़

रुपये में भारी गिरावट: पहली बार 94 के पार, जानिए क्यों टूटा रिकॉर्ड

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 27, 2026, 14:40 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

रुपये में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितता। डोनाल्ड ट्रंप ने भी युद्ध को लेकर अलग-अलग बयान दिए, जिससे बाजार में कन्फ्यूजन बना हुआ है।

rupee

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते रुपये में लगातार दबाव बना हुआ है।

भारतीय रुपया एक बार फिर अपने नए ऑल टाइम लो तक फिसल गया है। रुपये की वैल्यू पहली बार 94 के स्तर के ऊपर निकल गई और इंट्राडे में 94.70 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गई। बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते रुपये में लगातार दबाव बना हुआ है। पिछले एक महीने में रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 4 फीसदी कमजोर हुआ है। यहां हम समझेंगे कि इस गिरावट की वजह क्या है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

मिडिल-ईस्ट में बढ़ता तनाव

रुपये में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितता। डोनाल्ड ट्रंप ने भी युद्ध को लेकर अलग-अलग बयान दिए, जिससे बाजार में कन्फ्यूजन बना हुआ है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और उभरते बाजारों की मुद्राएं, जैसे रुपया दबाव में हैं।

कच्चे तेल में उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी रुपये में कमजोरी की एक बड़ी वजह है। Brent crude $100 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि WTI करीब $93 के आसपास है। तेल महंगा होने से भारत को ज्यादा डॉलर में इंपोर्ट करना पड़ता है, जिससे डॉलर की डिमांड बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है। साथ ही डॉलर इंडेक्स भी 100 के करीब पहुंच गया है, जिससे डॉलर और मजबूत हो रहा है और रुपया और दबाव में आ रहा है।

FIIs की बिकवाली

FII (फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। 25 मार्च को ही FIIs ने करीब ₹1805 करोड़ के शेयर बेचे, और पूरे महीने में यह आंकड़ा ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। जब विदेशी निवेशक पैसा निकालते हैं, तो वे रुपये बेचकर डॉलर खरीदते हैं, जिससे रुपया और गिरता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख