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3 min read | अपडेटेड December 30, 2025, 18:56 IST
सारांश
इस योजना के तहत Reliance अपने कामकाज को नतीजों और एंड-टू-एंड वर्कफ्लो के आधार पर दोबारा व्यवस्थित करेगी। AI और ऑटोमेशन की मदद से दोहराए जाने वाले काम खत्म किए जाएंगे, फैसले बेहतर होंगे और काम की रफ्तार व गुणवत्ता बढ़ेगी, लेकिन अंतिम जिम्मेदारी इंसानों के पास ही रहेगी।

अंबानी ने रिलायंस के कर्मचारियों से कहा कि वे AI से जुड़े अपने आइडिया साझा करें।
रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने मंगलवार को Reliance AI Manifesto का ड्राफ्ट जारी किया। इसका मकसद रिलायंस ग्रुप को एक AI-native और डीप-टेक कंपनी में बदलना है। इस योजना के तहत कंपनी अपने 6 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की उत्पादकता 10 गुना बढ़ाना चाहती है और साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था और समाज पर भी 10 गुना असर डालने का लक्ष्य रखा गया है।
मुकेश अंबानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानव इतिहास की सबसे प्रभावशाली तकनीक बताया। उन्होंने कहा कि जैसे रिलायंस ने भारत की डिजिटल क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी, वैसे ही अब कंपनी भारत की AI क्रांति का नेतृत्व करना चाहती है। रिलायंस का साफ लक्ष्य है, “हर भारतीय के लिए सस्ती और भरोसेमंद AI”। इसके लिए AI को ग्रुप के सभी बिजनेस में शामिल किया जाएगा, साथ ही सुरक्षा, भरोसा और जवाबदेही पर खास ध्यान दिया जाएगा।
मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस खुद को AI-native डीप-टेक कंपनी में बदलने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। इसके लिए तैयार किया गया AI Manifesto सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक एक्शन प्लान है। इसका पहला हिस्सा (Part-I) कंपनी के अंदरूनी बदलाव पर केंद्रित है, जिसमें AI को काम करने के नए तरीके के रूप में अपनाया जाएगा।
इस योजना के तहत रिलायंस अपने कामकाज को नतीजों और एंड-टू-एंड वर्कफ्लो के आधार पर दोबारा व्यवस्थित करेगी। AI और ऑटोमेशन की मदद से दोहराए जाने वाले काम खत्म किए जाएंगे, फैसले बेहतर होंगे और काम की रफ्तार व गुणवत्ता बढ़ेगी, लेकिन अंतिम जिम्मेदारी इंसानों के पास ही रहेगी।
काम को अंजाम देने के लिए छोटे-छोटे क्रॉस-फंक्शनल “पॉड्स” बनाए जाएंगे, जिनकी जिम्मेदारी साफ होगी और लक्ष्य मापे जा सकेंगे। डेटा, ऑपरेशन, गवर्नेंस और लर्निंग को लगातार बेहतर करने की व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
Manifesto का दूसरा हिस्सा (Part-II) भारत के लिए रिलायंस के बड़े AI विजन को दिखाता है। अंबानी का मानना है कि जैसे AI से कंपनी के कामकाज में 10 गुना सुधार संभव है, वैसे ही भारत पर भी 10 गुना सकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है, बिजनेस और परोपकारी पहलों के जरिए।
अंबानी ने रिलायंस के कर्मचारियों से कहा कि वे AI से जुड़े अपने आइडिया साझा करें, चाहे वह जियो के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स, देश का सबसे बड़ा रिटेल नेटवर्क, या फिर एनर्जी, फाइनेंस, हेल्थकेयर, मीडिया और परोपकार जैसे सेक्टर्स हों।
अंबानी ने देसी AI हार्डवेयर, रोबोटिक्स और नई तकनीकों पर भी जोर दिया, ताकि भारत तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने साफ कहा कि AI का इस्तेमाल नौकरियां खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की क्षमता बढ़ाने और बेहतर नतीजे हासिल करने के लिए होगा। अंत में, उन्होंने इस AI Manifesto को एक साझा संकल्प बताते हुए कर्मचारियों से 10 से 26 जनवरी के बीच अपने सुझाव देने को कहा। उनका संदेश साफ था, “नया रिलायंस और नया भारत” AI के साथ मिलकर बनाया जाएगा।
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