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  1. मुकेश अंबानी ने ₹10 लाख करोड़ के निवेश का किया ऐलान, जियो बनाएगा देश का अपना 'सॉवरेन कंप्यूट'

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मुकेश अंबानी ने ₹10 लाख करोड़ के निवेश का किया ऐलान, जियो बनाएगा देश का अपना 'सॉवरेन कंप्यूट'

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 19, 2026, 13:25 IST

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सारांश

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' में ₹10 लाख करोड़ के भारी निवेश की घोषणा की है। उनका लक्ष्य भारत में AI तकनीक को वैसे ही घर-घर पहुंचाना है जैसे उन्होंने मोबाइल डेटा को पहुंचाया था। यह निवेश अगले 7 सालों में देश के तकनीकी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

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रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी

भारतीय रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गुरुवार को AI की दुनिया में एक बड़ी हलचल पैदा कर दी है। दिल्ली में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' के दौरान उन्होंने अपनी ग्रुप कंपनियों के जरिए ₹10 लाख करोड़ के निवेश का ऐतिहासिक वादा किया है। अंबानी का मानना है कि जिस तरह जियो ने मोबाइल डेटा की क्रांति से भारत को बदला था ठीक वैसे ही अब AI के जरिए एक नया युग शुरू होगा। यह निवेश इसी साल से शुरू होकर अगले 7 सालों तक जारी रहेगा।

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AI को सस्ता और आसान बनाना है उद्देश्य

मुकेश अंबानी ने अपने संबोधन में कहा कि AI का सबसे बेहतरीन दौर आना अभी बाकी है और यह मानवता के लिए अपार समृद्धि का युग ला सकता है। उन्होंने चेताया कि दुनिया आज AI के मामले में एक मोड़ पर खड़ी है। उनके अनुसार एक रास्ता वह है जहां AI और डेटा महंगा और कुछ ही हाथों में होगा वहीं दूसरा रास्ता इसे किफायती और सबके लिए सुलभ बनाने का है। रिलायंस और जियो ने इसी दूसरे रास्ते को चुना है ताकि तकनीक का फायदा हर नागरिक को मिल सके।

अंबानी ने साफ शब्दों में कहा कि रिलायंस का यह निवेश केवल वैल्यूएशन बढ़ाने या सट्टेबाजी के लिए नहीं है। उन्होंने इसे 'पेशेंट और अनुशासित नेशन-बिल्डिंग कैपिटल' बताया है। इसका मतलब है कि यह पैसा देश की जड़ों को मजबूत करने और लंबी अवधि के विकास के लिए लगाया जा रहा है। उनके विजन के केंद्र में भारत का आर्थिक और सामाजिक विकास है जिसे AI की मदद से नई रफ्तार दी जाएगी।

सॉवरेन कंप्यूट और डेटा सेंटर का जाल

AI के विकास में आने वाली मुश्किलों पर बात करते हुए अंबानी ने कहा कि असली समस्या टैलेंट की कमी नहीं है बल्कि कंप्यूटिंग की भारी लागत है। इस चुनौती से निपटने के लिए 'जियो इंटेलिजेंस' भारत का अपना सॉवरेन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा। इसमें गीगावाट-स्केल के विशाल डेटा सेंटर बनाए जाएंगे जो AI के लिए जरूरी प्रोसेसिंग क्षमता प्रदान करेंगे। यह भारत को बाहरी निर्भरता से मुक्त कर अपनी डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

हर नागरिक तक पहुंचेगी 'इंटेलिजेंस'

जियो ने जिस तरह भारत को इंटरनेट के युग से जोड़ा था अब उसका अगला लक्ष्य देश को इंटेलिजेंस के युग में ले जाना है। अंबानी ने भरोसा दिलाया कि रिलायंस की AI सेवाएं उतनी ही विश्वसनीय और किफायती होंगी जितनी की उनकी मोबाइल कनेक्टिविटी है। यह इंटेलिजेंस देश की अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर और सामाजिक विकास के हर पहलू तक पहुंचेगी। इससे आम आदमी की जिंदगी आसान होगी और भारत तकनीकी रूप से पूरी दुनिया का नेतृत्व करेगा।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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