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3 min read | अपडेटेड February 19, 2026, 08:02 IST
सारांश
दो दिनों की लगातार गिरावट के बाद 19 फरवरी को चांदी की कीमतों में शानदार रिकवरी देखी गई है, जबकि सोना 5,000 डॉलर के नीचे स्थिर बना हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स और मजबूत डॉलर के बीच निवेशकों की नजर अब ब्याज दरों पर टिकी है।

चांदी की कीमतों में वापसी और सोने में स्थिरता के बीच भारतीय बाजार के ताजा भाव।
19 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक नया मोड़ देखने को मिला है। पिछले दो दिनों से जारी गिरावट के बाद आज चांदी की कीमतों में जबरदस्त सुधार यानी रिबाउंड हुआ है। हालांकि, सोना अभी भी 5,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बना हुआ है और इसमें मामूली सुस्ती देखी जा रही है। एशियाई बाजारों में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों की वजह से कारोबार थोड़ा सीमित है, लेकिन ट्रेडर्स का पूरा ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आने वाले फैसलों पर टिक गया है। ग्लोबल मार्केट की इस हलचल का सीधा असर भारत के रिटेल बाजार पर भी पड़ रहा है, जहां सोने और चांदी के भाव ऊंचे स्तरों पर बने हुए हैं।
सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली बैठक के मिनट्स रहे हैं। इन मिनट्स से यह संकेत मिला है कि फेड अधिकारी ब्याज दरों में कटौती को लेकर उम्मीद से कहीं ज्यादा सतर्क हैं। यह स्थिति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ तनाव बढ़ा सकती है और उनके द्वारा फेड चेयर के लिए नामित केविन वार्श के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है। जब तक ब्याज दरों में कटौती को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक सोने जैसी बिना ब्याज वाली धातु की कीमतों में बहुत बड़ी तेजी की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने पर दबाव बना रही है। अमेरिका से आए नए आर्थिक आंकड़ों ने वहां की अर्थव्यवस्था में मजबूती दिखाई है। पिछले महीने औद्योगिक उत्पादन में करीब एक साल की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई है, साथ ही कोर कैपिटल गुड्स के ऑर्डर भी उम्मीद से ज्यादा बढ़े हैं। मजबूत डॉलर की वजह से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग पर असर पड़ता है। यही वजह है कि स्पॉट गोल्ड फिलहाल 4,980 डॉलर के स्तर के आसपास ही झूल रहा है।
चांदी के लिए गुरुवार का दिन राहत भरा रहा, क्योंकि यह एशियाई ट्रेडिंग ऑवर्स के दौरान फिर से 76 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी कुछ अहम खबरें आ रही हैं। मंगलवार को हुई बातचीत में ईरान और अमेरिका भविष्य की परमाणु वार्ताओं के लिए कुछ "मार्गदर्शक सिद्धांतों" पर सहमत हुए हैं। हालांकि इस खबर से तनाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन सुरक्षित निवेश के तौर पर बुलियन मार्केट में अभी भी सावधानी का माहौल बना हुआ है।
अगर हम भारत के रिटेल बाजार की बात करें, तो आईबीजेए (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, आज कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। भारत में 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,963 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं चांदी की बात करें तो 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 2,37,039 रुपये दर्ज की गई है। स्थानीय बाजार में मांग और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के बीच यह भाव निवेशकों के लिए खरीदारी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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