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भारत ने WTO में अमेरिका के खिलाफ जवाबी शुल्क के प्रस्ताव को संशोधित किया, क्या हैं इसके मायने?

Upstox

2 min read | अपडेटेड July 10, 2025, 16:04 IST

सारांश

भारत ने इस्पात और एल्युमीनियम पर अमेरिकी शुल्क को लेकर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मानदंडों के तहत अमेरिका के खिलाफ जवाबी शुल्क लगाने के अपने प्रस्ताव को संशोधित किया है। अमेरिकी सरकार के शुल्क में और वृद्धि के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।

भारत-अमेरिका

भारत ने WTO में अमेरिका के खिलाफ जवाबी शुल्क के प्रस्ताव को किया संशोधित

भारत ने स्टील और एल्युमीनियम पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर World Trade Organisation (WTO) यानी कि विश्व व्यापार संगठन के मानदंडों के तहत अमेरिका के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के अपने प्रस्ताव को संशोधित किया है। अमेरिकी सरकार के टैरिफ में और वृद्धि के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। अमेरिका ने पहली बार 12 मार्च को एल्युमीनियम, स्टील और उससे तैयार होने वाली चीजों के आयात पर 25% शुल्क लगाया था। फिर, 3 जून को टैरिफ को बढ़ाकर 50% कर दिया गया।

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वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन ने बुधवार को कहा, ‘वस्तु व्यापार परिषद और रक्षोपाय समिति (कमोडिटी ट्रेड काउंसिल एंड सेफगार्ड्स कमिटी) को 12 मई को दी गई अपनी पूर्व अधिसूचना के साथ, भारत उत्पादों और टैरिफ दरों को समायोजित करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। यह अनुरोध अमेरिका के टैरिफ को 25% से बढ़ाकर 50% करने के जवाब में किया गया है।’ यह पत्र भारत के अनुरोध पर डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशें को दिया गया है।

इसमें कहा गया, ‘सेफगार्ड उपायों से भारत में उत्पादित संबंधित उत्पादों का अमेरिका में 7.6 अरब डॉलर का आयात प्रभावित होगा। इस पर शुल्क संग्रह 3.82 अरब अमेरिकी डॉलर होगा।’ इसको ध्यान में रखते हुए, भारत के प्रस्तावित रियायतों के निलंबन के परिणामस्वरूप अमेरिका में उत्पादित वस्तुओं पर भी उतनी ही राशि का शुल्क वसूला जाएगा। इससे पहले, 12 मई के पत्र में, शुल्क संग्रह का आंकड़ा 1.91 अरब डॉलर बताया गया था।

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने 2018 में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर कुछ स्टील प्रोडक्ट्स पर 25% और एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स पर 10% टैरिफ लगाया था। जवाबी कार्रवाई में, भारत ने जून, 2019 में बादाम और अखरोट सहित 28 अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर सीमा शुल्क लगाया था। भारत ने विश्व व्यापार संगठन में शिकायत भी दर्ज कराई थी। यह प्रस्ताव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत कर रहे हैं। भारतीय दल के अगले सप्ताह व्यापार वार्ता के लिए अमेरिका जाने की भी उम्मीद है।

भाषा इनपुट के साथ

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