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  1. Service Sector Growth: मार्च में सर्विस सेक्टर की रफ्तार धीमी, उत्पादन-बिक्री में गिरावट का असर

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Service Sector Growth: मार्च में सर्विस सेक्टर की रफ्तार धीमी, उत्पादन-बिक्री में गिरावट का असर

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 04, 2025, 14:42 IST

सारांश

India Service Sector Growth: HSBC इंडिया सेवा कारोबारी गतिविधि सूचकांक फरवरी के 59.0 से घटकर मार्च में 58.5 पर आ गया। ये सर्विस सेक्टर की आर्थिक गतिविधियों में विस्तार की रफ्तार धीमी होने का संकेत है। सर्वे के मुताबिक उत्पादन और ब्रिकी में गिरावट के कारण ऐसा ट्रेंड रहा है।

50 के ऊपर PMI गतिविधियों में विस्तार दिखाता है।

50 के ऊपर PMI गतिविधियों में विस्तार दिखाता है।

India Service Sector Growth: मार्च के महीने में भारत के सर्विस सेक्टर की ऐक्टिविटी कुछ सुस्त रही है। उत्पादन और बिक्री में मामूली गिरावट के चलते इस क्षेत्र में ग्रोथ की रफ्तार धीमी रही। ये जानकारी HSBC India के मासिक सर्वे में सामने आई है।
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मौसमी रूप से समायोजित HSBC इंडिया सेवा कारोबारी गतिविधि सूचकांक फरवरी के 59.0 से घटकर मार्च में 58.5 पर आ गया। पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम का आशय संकुचन से होता है।

HSBC के भारत के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर मार्च 2025 में 58.5 रही जो पिछले महीने से थोड़ा कम है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग काफी हद तक उत्साहजनक रही, हालांकि यह पिछले महीने की तुलना में क्रमिक रूप से कम रही।’

कीमत के मोर्चे पर, मार्च में तैयार माल शुल्क पर मुद्रास्फीति साढ़े तीन साल के निचले स्तर पर आ गई। सर्वेक्षण प्रतिभागियों में से केवल एक प्रतिशत ने फरवरी की तुलना में अधिक औसत शुल्क की सूचना दी, जबकि शेष कंपनियों ने कोई बदलाव नहीं होने का संकेत दिया।

उपभोक्ता सेवा कंपनियां मार्च में सबसे अधिक उत्साहित रहीं, उसके बाद वित्त एवं बीमा, रियल एस्टेट एवं व्यावसायिक सेवाएं तथा परिवहन, सूचना एवं संचार का स्थान रहा। सर्वेक्षण के अनुसार मार्च में सेवा अर्थव्यवस्था में भर्तियों की गतिविधि में कमी आई।

इस बीच, भारतीय निजी क्षेत्र की गतिविधियां मार्च में मजबूती से बढ़ती रहीं, क्योंकि कंपनियों ने नए ऑर्डर में और वृद्धि का स्वागत किया। HSBC इंडिया कम्पोजिट आउटपुट सूचकांक फरवरी के 58.8 से मार्च में सात महीने के उच्च स्तर 59.5 पर पहुंच गया।

समग्र PMI सूचकांक तुलनीय विनिर्माण व सेवा PMI सूचकांकों का भारित औसत है। HSBC इंडिया सेवा PMI को एसएंडपी ग्लोबल ने करीब 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों के समूह को भेजे गए सवालों के जवाबों के आधार पर तैयार किया है।

'HSBC India मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स (PMI) मार्च में 58.1 रहा जो फरवरी में 58.1 था। भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर मार्च में बढ़कर आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। बेहतर मांग की स्थिति के बीच कारखाना ऑर्डर और उत्पादन में तीव्र वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही।

भारत में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि ने फरवरी में खोई हुई जमीन वापस पा ली है। फरवरी में, नए ऑर्डर और उत्पादन में धीमी वृद्धि के बीच भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि 14 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई थी।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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