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India-EU FTA: यूरोप की लग्जरी कारों पर 10% तक घटेगा टैक्स, BMW, Mercedes और Lamborghini होंगी सस्ती

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 27, 2026, 16:47 IST

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सारांश

India-EU FTA: ध्यान देने वाली बात यह है कि यह छूट हर साल सिर्फ 2.5 लाख (2,50,000) कारों तक ही मिलेगी। इसे कोटा सिस्टम कहा गया है। यह नियम अगले साल की शुरुआत से लागू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही कार के पार्ट्स पर लगने वाला टैक्स भी अगले 5 से 10 साल में पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

India-EU FTA

India-EU FTA: सरकार ने साफ किया है कि टैक्स में कटौती सिर्फ उन्हीं कारों को मिलेगी जिनकी कीमत 15000 यूरो से ज्यादा है।

India-EU FTA: भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो गया है। इसके बाद BMW, Mercedes और Lamborghini जैसी यूरोपीय लग्जरी कारें आने वाले सालों में भारत में सस्ती हो सकती हैं। इस समझौते के तहत भारत धीरे-धीरे यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाला भारी टैक्स घटाएगा। अभी ये टैक्स 110% तक है, लेकिन इसे कम करते-करते करीब 10% तक लाया जाएगा।
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ध्यान देने वाली बात यह है कि यह छूट हर साल सिर्फ 2.5 लाख (2,50,000) कारों तक ही मिलेगी। इसे कोटा सिस्टम कहा गया है। यह नियम अगले साल की शुरुआत से लागू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही कार के पार्ट्स पर लगने वाला टैक्स भी अगले 5 से 10 साल में पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

इन कारों को मिलेगी टैक्स में छूट

सरकार ने साफ किया है कि टैक्स में कटौती सिर्फ उन्हीं कारों को मिलेगी जिनकी कीमत 15000 यूरो से ज्यादा है। भारत में 25 लाख रुपये से कम कीमत वाली पेट्रोल, डीज़ल और हाइब्रिड कारें भारतीय कंपनियों के लिए सबसे अहम बाजार मानी जाती हैं, इसलिए उन्हें इस छूट में शामिल नहीं किया गया है।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि यह कोटा आधारित सिस्टम बहुत सोच-समझकर बनाया गया है। इससे यूरोपीय कंपनियां भारत में महंगी कैटेगरी की कारें बेच पाएंगी और आगे चलकर “मेक इन इंडिया” के तहत भारत में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट के रास्ते भी खुल सकते हैं।

भारत अपनी ऑटो इंडस्ट्री को काफी सुरक्षित रखता है क्योंकि यह सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और लाखों लोगों को रोजगार देता है। यही वजह है कि कार सेक्टर सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ मिशन का अहम हिस्सा है।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि यूरोप का ऑटो सेक्टर दुनिया के सबसे एडवांस्ड सेक्टरों में से एक है और उनकी कारें वाकई बेहतरीन होती हैं। दोनों पक्षों की संवेदनशीलताओं को देखते हुए यह तय किया गया है कि कारों की छूट कोटा सिस्टम के जरिए दी जाएगी, ताकि किसी एक पक्ष को नुकसान न हो।

अभी भारत लगाता है 110% तक टैक्स

फिलहाल भारत पूरी तरह बनी हुई विदेशी कारों पर 110% तक टैक्स लगाता है अगर उनकी कीमत 40,000 डॉलर से ज्यादा हो। इससे कम कीमत वाली कारों पर करीब 70% टैक्स लगता है। इटली की सुपरकार कंपनी Lamborghini, जो अपनी सभी कारें भारत में बाहर से मंगाती है और जिसकी शुरुआती कीमत करीब 3.8 करोड़ रुपये है, इस समझौते से बड़ी फायदा पाने वाली कंपनियों में शामिल है।

भारत को भी होगा फायदा

इस डील में ये भी तय हुआ है कि भारत में बनी गाड़ियों को भी यूरोप में बिना टैक्स के बेचने की इजाजत मिलेगी। सीधी भाषा में समझें तो इस समझौते से यूरोप की महंगी कारें धीरे-धीरे भारत में सस्ती होंगी, विदेशी कंपनियों को भारत में ज्यादा मौके मिलेंगे और भारतीय कंपनियों को भी यूरोप के बाजार में पहुंच आसान होगी।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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