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3 min read | अपडेटेड September 10, 2025, 14:36 IST
सारांश
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) और वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि जीडीपी वृद्धि क्रम से 6.4% और 6.3% रहेगी। फिच ने कहा कि उसे उम्मीद है कि औसत से अधिक मानसूनी वर्षा और उच्च खाद्य भंडार के संदर्भ में खाद्य कीमतों का दबाव कमजोर रहेगा, जिससे 2025 के अंत तक मुद्रास्फीति केवल 3.2% और 2026 के अंत तक 4.1% तक ही बढ़ेगी।

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं
फिच रेटिंग्स ने जून तिमाही की मजबूत वृद्धि और घरेलू मांग के चलते मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.9% कर दिया है। इससे पहले फिच ने भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.5% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया था। फिच पहली ग्लोबल रेटिंग एजेंसी है, जिसने 2025-26 के लिए भारत के वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाया है। अपने सितंबर के वैश्विक आर्थिक परिदृश्य (Global Economic Outlook, GEO) में रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की मार्च और जून तिमाहियों के बीच आर्थिक गतिविधियों में तेजी से वृद्धि हुई है, और वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर जनवरी-मार्च के 7.4% से बढ़कर अप्रैल-जून में सालाना आधार पर बढ़कर 7.8% हो गई है। यह हमारे जून, जीईओ में 6.7% के पूर्वानुमान से काफी ज्यादा है। उसने कहा कि अप्रैल-जून के नतीजों के आधार पर, फिच ने मार्च, 2026 (FY 2025-26) में खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने अनुमान को जून के जीईओ के 6.5% से संशोधित करके 6.9% कर दिया है।
फिच ने कहा कि घरेलू मांग वृद्धि को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभाएगी, क्योंकि मजबूत वास्तविक आय गतिशीलता उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देती है और कमजोर वित्तीय स्थिति की भरपाई निवेश से होगी। फिच ने अनुमान लगाया है कि FY की दूसरी छमाही में वार्षिक वृद्धि धीमी रहेगी, और इसलिए हमारा अनुमान है कि अगले FY 2026-27 में वृद्धि दर धीमी होकर 6.3% रह जाएगी। अर्थव्यवस्था अपनी क्षमता से थोड़ा ऊपर चल रही है, इसलिए हमारा अनुमान है कि FY 2027-28 में वृद्धि दर घटकर 6.2% रह जाएगी। फिच का चालू FY की वृद्धि दर का अनुमान अन्य एजेंसियों से अधिक है। वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा में चालू FY में भारत की वृद्धि दर 6.3 से 6.8% रहने का अनुमान लगाया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने FY 2025-26 में भारत की जीडीपी दर में 6.5% की वृद्धि का अनुमान लगाया है। मूडीज रेटिंग्स का अनुमान है कि 2025 के कैलेंडर साल में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.3% की दर से बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) और वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि जीडीपी वृद्धि क्रम से 6.4% और 6.3% रहेगी। फिच ने कहा कि उसे उम्मीद है कि औसत से अधिक मानसूनी वर्षा और उच्च खाद्य भंडार के संदर्भ में खाद्य कीमतों का दबाव कमजोर रहेगा, जिससे 2025 के अंत तक मुद्रास्फीति केवल 3.2% और 2026 के अंत तक 4.1% तक ही बढ़ेगी।
फिच ने आगे कहा, ‘हमें अभी भी उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) साल के अंत तक रेपो दर में 0.25% की कटौती करेगा। रेपो दर 2026 के अंत तक इसी स्तर पर रहेंगी। हमें उम्मीद है कि आरबीआई 2027 में दरें बढ़ाना शुरू कर देगा।’
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