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4 min read | अपडेटेड February 23, 2026, 09:29 IST
सारांश
आज 23 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में 5 पर्सेंट तक की भारी तेजी देखी गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसलों को पलटने और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड और सिल्वर का रुख किया है।

सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से आज सोने और चांदी की चमक और बढ़ गई है।
ग्लोबल मार्केट में आज यानी 23 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। हफ्ते के पहले ही दिन निवेशकों के बीच मची अफरा-तफरी ने इन कीमती धातुओं के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान चांदी की कीमतों में 5 पर्सेंट का बड़ा उछाल आया है, वहीं सोना भी करीब 1.61 पर्सेंट की बढ़त के साथ 5,160 डॉलर प्रति औंस के लेवल को पार कर गया है। इस तेजी के पीछे अमेरिका में चल रही कानूनी लड़ाई और मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध का खतरा सबसे बड़े कारण माने जा रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक ग्लोबल लेवल पर अनिश्चितता बनी रहेगी, सोने-चांदी में ऐसी ही तेजी देखी जा सकती है।
आज बुलियन बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर Gold की कीमत 3,203 रुपये की उछाल के साथ 1,60,079 रुपये पर पहुंच गई, जो करीब 2.04% की बढ़त दिखाती है। वहीं Silver में और भी मजबूत रैली देखने को मिली। चांदी 14,967 रुपये की तेजी के साथ 2,67,911 रुपये पर कारोबार कर रही थी, जो लगभग 5.92% की बड़ी छलांग है।
सोने और चांदी की कीमतों में आई इस अचानक तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला है। कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि उन्होंने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया है। कोर्ट के इस फैसले से ट्रंप के उन फैसलों को बड़ा झटका लगा है जिसमें उन्होंने दूसरे देशों से आने वाले सामान पर भारी टैक्स लगा दिया था। हालांकि, ट्रंप ने हार नहीं मानी है और उन्होंने साफ कर दिया है कि वह टैरिफ लगाने के लिए दूसरे कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने अब 10 पर्सेंट ग्लोबल टैरिफ लगाने की बात कही है, जिससे ट्रेड वॉर की आशंका और बढ़ गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए संकेत दिया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य कानूनों का हवाला देकर नए टैक्स वसूलना जारी रखेंगे। अमेरिकी संविधान के मुताबिक टैक्स लगाने की असली ताकत वहां की संसद यानी कांग्रेस के पास है, लेकिन ट्रंप प्रशासन अलग-अलग कानूनों के जरिए इसे लागू करने की कोशिश में है। निवेशकों को डर है कि अमेरिका और बाकी दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में कड़वाहट आएगी, जिससे ग्लोबल इकोनॉमी को नुकसान हो सकता है। इसी डर के चलते निवेशक अपना पैसा शेयर बाजार से निकालकर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी में लगा रहे हैं।
कीमतों में लगी इस आग का एक और बड़ा कारण मिडिल ईस्ट की तनावपूर्ण स्थिति है। अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में अपने हथियारों और संसाधनों की तैनाती बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उसके पास अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर समझौता करने के लिए केवल 10 से 15 दिन का समय बचा है। अगर समय रहते कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान पर बड़े हमले कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो 1991 के बाद यह अमेरिका का तीसरा बड़ा क्षेत्रीय हस्तक्षेप होगा। युद्ध की इस आशंका ने पूरी दुनिया के बाजारों को हिलाकर रख दिया है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने और चांदी में आई यह तेजी फिलहाल थमने वाली नहीं है। एक तरफ व्यापारिक युद्ध की तलवार लटक रही है और दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे माहौल में सोना हमेशा से सबसे सुरक्षित निवेश रहा है। चांदी में आई 5 पर्सेंट की तेजी यह बताती है कि इंडस्ट्री और निवेशकों दोनों ही तरफ से मांग काफी मजबूत है। फिलहाल चांदी 86 डॉलर प्रति औंस के भाव पर ट्रेड कर रही है। आने वाले दिनों में अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में नए रिकॉर्ड बनते हुए देखे जा सकते हैं।
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