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4 min read | अपडेटेड October 28, 2025, 10:29 IST
सारांश
अमेरिका-चीन व्यापार तनाव घटने से सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। दिल्ली में सोना ₹700 गिरकर ₹1,25,900 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी ₹4,250 टूटकर ₹1,51,250 प्रति किलोग्राम रह गई। वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का रुख है।

अमेरिका-चीन तनाव घटने से सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट।
सोना-चांदी की कीमतों में लगी आग पर सोमवार को ठंडा पानी पड़ गया। जो सोना-चांदी पिछले कई दिनों से निवेशकों की पहली पसंद बने हुए थे, उनकी चमक अचानक फीकी पड़ गई। इसकी सबसे बड़ी वजह दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार को लेकर आई अच्छी खबर है। जैसे ही दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के संकेत मिले, निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (Safe Haven Investment) से हाथ खींचना शुरू कर दिया। इसका सीधा असर दिल्ली के सर्राफा बाजार पर पड़ा, जहां सोना ₹700 सस्ता हो गया। चांदी की कीमतों में तो मानो भूचाल आ गया और यह एक ही दिन में ₹4,250 तक टूट गई।
दिल्ली बाजार में सोना ₹1,26,000 के नीचे अखिल भारतीय सर्राफा संघ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में ₹700 की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद, 10 ग्राम सोने का भाव गिरकर ₹1,25,900 रुपये रह गया। यह गिरावट इसलिए भी अहम है, क्योंकि शनिवार को ही सोने की कीमत में ₹1,000 का बड़ा उछाल आया था और यह ₹1,26,600 रुपये के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। सिर्फ शुद्ध सोना ही नहीं, बल्कि 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव भी ₹700 गिरकर ₹1,25,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया। यह पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
सोमवार का दिन चांदी के निवेशकों के लिए बहुत भारी साबित हुआ। स्थानीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में ₹4,250 प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट सोने के मुकाबले कई गुना ज्यादा थी। इस बड़ी टूट के बाद चांदी की कीमत ₹1,51,250 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई। यह निवेशकों के लिए एक झटके जैसा था, क्योंकि शनिवार को ही चांदी ₹2,900 की शानदार तेजी के साथ ₹1,55,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी। इस भारी उथल-पुथल से साफ है कि बाजार का सेंटिमेंट कितनी तेजी से बदला है।
एक्सपर्ट्स ने बताई वजह बाजार के जानकारों का कहना है कि इस गिरावट की जड़ अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम में है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्चर सौमिल गांधी ने इस गिरावट का विश्लेषण करते हुए कहा कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव कम होने के संकेतों ने पूरी कहानी बदल दी है। जब इन दो बड़े देशों में तनाव बढ़ता है, तो निवेशक घबराकर अपना पैसा शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी संपत्तियों से निकालकर सोने जैसी सुरक्षित संपत्ति में लगा देते हैं, जिससे सोना महंगा होता है। लेकिन अब इसका उलटा हो रहा है।
रविवार को खबर आई कि अमेरिका और चीन के शीर्ष आर्थिक अधिकारियों ने एक संभावित व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह के अंत में दक्षिण कोरिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग के बीच होने वाली बैठक में इस समझौते पर मुहर लग सकती है। इस उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और उन्होंने वापस जोखिम भरी संपत्तियों में रुचि दिखाई, जिससे कीमती धातुओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
सौमिल गांधी ने एक और बड़े कारण की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि निवेशक अब ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) कर रहे हैं। पिछले दिनों में कीमतें बहुत बढ़ गई थीं, इसलिए निवेशक अब अपना मुनाफा जेब में रखना चाहते हैं। इसके अलावा, सोने पर आधारित एक्सचेंज-ट्रेडेड कोषों (Gold ETFs) से भी लगातार निकासी हो रही है।
ईटीएफ से पैसा निकलने का मतलब है कि बड़े संस्थागत निवेशक भी सोने से अपना निवेश कम कर रहे हैं। इस दोहरे दबाव (मुनाफावसूली और ईटीएफ निकासी) के कारण सर्राफा कीमतों पर दबाव और बढ़ गया है। विदेशी बाजारों में भी इसका असर दिखा। हाजिर सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही और यह 97.86 डॉलर (या 2.38 प्रतिशत) गिरकर 4,015.55 डॉलर प्रति औंस रह गया। वहीं, हाजिर चांदी 2.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 47.60 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
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