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3 min read | अपडेटेड November 21, 2025, 09:15 IST
सारांश
कमजोर वैश्विक संकेतों और डॉलर में मजबूती के कारण गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव 600 रुपये गिरकर 1,26,700 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। चांदी भी 2,000 रुपये सस्ती होकर 1,58,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता से भी दबाव बना है।

सोने-चांदी का भाव
Gold Rate 21 Nov: 21 नवंबर 2025 की सुबह MCX पर सोना और चांदी दोनों दबाव में ट्रेड कर रहे हैं। सोने का भाव 1,22,442 रुपये पर आ गया है, जिसमें 285 रुपये यानी 0.23% की गिरावट है। सुबह के कारोबार में सोना 1,22,251 से 1,22,453 रुपये के बीच घूम रहा है। चांदी में गिरावट और तेज है, यह 1,52,400 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है, जो 1,751 रुपये यानी 1.14% नीचे है। आज के सेशन में चांदी का लो 1,50,848 रुपये तक गया है।
सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुख और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर पड़ा है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों के दाम नीचे आए हैं। यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत की खबर हो सकती है जो शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारी का प्लान बना रहे हैं।
गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ गई। सोने की कीमतों में 600 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव 1,26,700 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले के कारोबारी सत्र में सोना ऊंचे स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की बात करें तो इसमें भी 600 रुपये की गिरावट आई और यह 1,26,100 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर मिलाकर) के भाव पर आ गया।
सोने से ज्यादा गिरावट चांदी की कीमतों में देखने को मिली है। औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक दबाव के चलते चांदी 2,000 रुपये टूटकर 1,58,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। यह गिरावट काफी बड़ी मानी जा रही है। चांदी के दाम गिरने से सिक्का निर्माताओं और दूसरी इंडस्ट्रीज को थोड़ी राहत मिल सकती है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने इस गिरावट के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया है। उनका कहना है कि गुरुवार को सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण डॉलर का मजबूत होना है। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा यूक्रेन में युद्ध को खत्म करने की नई कोशिशों से जुड़ी खबरें सामने आई हैं। इन खबरों के बाद निवेशकों के बीच सोने को लेकर 'सुरक्षित निवेश' वाली भावना थोड़ी कम हुई है, जिससे इसकी मांग घटी है।
बाजार की धारणा पर अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के एक ऐलान का भी असर पड़ा है। विभाग ने अक्टूबर की रोजगार रिपोर्ट प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि फेडरल रिजर्व के पास साल की अपनी आखिरी बैठक से पहले ब्याज दरों पर फैसला लेने के लिए जरूरी श्रम आंकड़े नहीं होंगे। इस अनिश्चितता ने भी बाजार को प्रभावित किया है।
विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 16.48 डॉलर या 0.40 प्रतिशत गिरकर 4,061.53 डॉलर प्रति औंस रह गया। वहीं, हाजिर चांदी 1.22 प्रतिशत टूटकर 50.73 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि अमेरिकी डॉलर में हल्की मजबूती के बीच हाजिर सोना नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.03 प्रतिशत बढ़कर 100.26 पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार अभी आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए है, जिससे ब्याज दरों की दिशा साफ हो सकेगी।
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