return to news
  1. रफ्तार भरते गोल्ड-सिल्वर में अचानक से क्यों आई बिकवाली? 14% तक टूट गए ETF, ये है असली वजह

बिजनेस न्यूज़

रफ्तार भरते गोल्ड-सिल्वर में अचानक से क्यों आई बिकवाली? 14% तक टूट गए ETF, ये है असली वजह

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड January 30, 2026, 13:54 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

गुरुवार को रिकॉर्ड बनाने के बाद शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू एमसीएक्स पर कीमतें 6% तक टूट गई हैं। अमेरिका में नए फेड चेयरमैन की नियुक्ति की खबरों और मुनाफावसूली ने कीमतों को नीचे धकेल दिया है।

gold-silver-price-crash

सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट से निवेशक हैरान हैं।

Gold-Silver Price Fall: भारतीय सर्राफा बाजार और एमसीएक्स (MCX) पर शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखी गई है। पिछले कई दिनों से जारी रिकॉर्ड तोड़ तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया है और कीमतें अपने हायर लेवल से काफी नीचे फिसल गई हैं। गुरुवार को जहां निवेशकों में भारी उत्साह था, वहीं शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। चांदी की कीमतों में करीब 6% और सोने में लगभग 5% तक की गिरावट दर्ज की गई है। इस अचानक आई गिरावट ने उन निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है जिन्होंने हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर खरीदारी की थी।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

MCX पर सोने और चांदी का हाल क्या है?

शुक्रवार सुबह के सेशन में MCX पर चांदी का मार्च का फ्यूचर 6% तक गिरकर 3,75,900 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले लेवल पर आ गया। आपको बता दें कि गुरुवार को ही चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का अपना ऑल टाइम हाई के लेवल को टच किया था। इसी तरह सोने के फ्यूचर भाव में भी 4.8% की गिरावट देखी गई और यह 1,75,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया। गुरुवार को सोने ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऐतिहासिक शिखर छुआ था। कीमतों में इस बड़े सुधार की वजह से सोने और चांदी के ईटीएफ (ETF) में भी 14% तक की बड़ी गिरावट देखी गई है।

गिरावट के पीछे के बड़े कारण

कीमती धातुओं में इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से अमेरिका से आ रही खबरें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन के नाम का ऐलान करने वाले हैं। बाजार में यह चर्चा तेज है कि ट्रंप किसी 'हॉकिश' व्यक्ति को फेड की कमान सौंप सकते हैं, जो ब्याज दरों को ऊंचा रखने या डॉलर को मजबूत करने की दिशा में काम कर सकता है। विशेष रूप से केविन वॉर्श (Kevin Warsh) का नाम सबसे आगे चल रहा है, जिन्हें बाजार एक सख्त नीति वाले विशेषज्ञ के रूप में देखता है। अगर डॉलर मजबूत हुआ तो यह सोने और चांदी पर सीधा असर करेगा और इसी डॉलर की मजबूती की उम्मीद ने सोने और चांदी की चमक को कम कर दिया है।

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने 5,595 डॉलर और चांदी ने 120 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इतनी बड़ी रैली के बाद बाजार में मुनाफावसूली आना तय माना जा रहा था। निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर अपने सौदे काटकर मुनाफा कमाना शुरू किया, जिससे कीमतों में भारी गिरावट आई। इसके अलावा, ईरान में तनाव और अन्य भू-राजनीतिक कारणों से जो 'सेफ हेवन' डिमांड बढ़ी थी, उसमें अब थोड़ी स्थिरता आती दिख रही है। भारत में भी रिकॉर्ड कीमतों की वजह से सोने की मांग में गिरावट देखी गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत में सोने की मांग 11% गिर गई थी।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

भारी गिरावट के बावजूद जानकारों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तरों पर बनी हुई हैं। जनवरी की शुरुआत से अब तक सोना 30% और चांदी 61% से ज्यादा की बढ़त दिखा चुके हैं। भारत में शादियों के सीजन और ऊंचे भावों के कारण रिटेल मांग पर असर पड़ा है, जिससे इस साल मांग 700 टन के करीब रहने का अनुमान है। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और एक्सपर्ट इस मसले पर ये बता रहे हैं कि निवेशकों को अमेरिकी फेड चेयरमैन की आधिकारिक घोषणा और डॉलर इंडेक्स की चाल पर नजर रखनी चाहिए।

मार्केट में हलचल?
स्मार्ट टूल्स के साथ आगे बढ़ें
promotion image

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख