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4 min read | अपडेटेड December 01, 2025, 10:08 IST
सारांश
Gold Rate Prediction: इस सप्ताह सोने की कीमतें एक बार फिर आसमान छू सकती हैं। गोल्ड की कीमतों में क्यों बंपर उछाल देखा जा सकता है, चलिए समझते हैं। विश्लेषकों का क्या कुछ कहना है और किन फैक्टर्स का असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ेगा, चलिए समझते हैं।

गोल्ड की कीमतों में इस सप्ताह दिख सकती है रिकॉर्ड तेजी
Gold Rate Prediction: सोने के दाम इस सप्ताह एक बार फिर रिकॉर्ड हाइ पर पहुंच सकते हैं। विश्लेषकों की माने तो सोने की कीमतें इस सप्ताह मजबूती के साथ रिकॉर्ड लेवल के करीब पहुंच सकती हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इन्वेस्टरों का पूरा ध्यान अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की स्पीच और भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर टिका है। जे एम फाइनेंशियल के उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, ‘सोना अब उस सीमित दायरे से बाहर निकल आया है, जिसमें वह काफी दिनों से फंसा हुआ था। इन्वेस्टर्स दुनिया भर के मैनुफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के आंकड़ों, अमेरिका के रोजगार आंकड़ों और उपभोक्ताओं की मनोदशा पर पूरा ध्यान दे रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इन सबके अलावा सोमवार को फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की स्पीच, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता में होने वाली प्रगति और शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक की नीति बैठक भी होगी। निवेशक इन सभी घटनाओं पर बहुत बारीकी से नजर रखेंगे।’
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर फरवरी 2026 सोना वायदा भाव पिछले सप्ताह 3,654 रुपये यानी 2.9% चढ़ा और शुक्रवार को 1,29,504 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। एंजल वन के वरिष्ठ शोध अधिकारी प्रथमेश माल्या ने कहा, ‘भारत में रुपये की कमजोरी और स्थानीय मांग ने सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव को बहुत बढ़ाया है। त्योहार, शादियां और लगातार जारी आभूषणों की खरीदारी भारतीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को मजबूत सहारा दे रही है।’ माल्या ने आगे कहा कि दुनिया के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में सोने का परिदृश्य सकारात्मक बना रहेगा। उन्होंने कहा, ‘पिछले कई सालों से केंद्रीय बैंक सोना जमा करते आ रहे हैं और यह सिलसिला 2026 में भी जारी रहेगा।’
क्वांटेस रिसर्च के संस्थापक कार्तिक जोनागडला ने कहा, ‘इन्वेस्टरों के लिए सोना सबसे सीधा और स्पष्ट तरीका है यह बताने का कि वे अमेरिका में वास्तविक ब्याज दरों के भविष्य को लेकर क्या सोचते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब तक दिसंबर में ब्याज दर कटौती की मजबूत संभावना बनी हुई है, सोने-चांदी को लेकर रुझान हल्का सकारात्मक रहेगा। लेकिन अगर कोई आंकड़ा अचानक आया और दरें जल्द घटने की उम्मीद कमजोर हुई, तो हाल की तेजी पलट सकती है। इसलिए इन्वेस्टमेंट की सही मात्रा रखना और जोखिम से बचाव करना बहुत जरूरी है।’
ग्लोबल मार्केट में दिसंबर में आपूर्ति वाले अनुबंधों के सोने का भाव सप्ताह भर में 138.8 डॉलर यानी 3.4% चढ़ा और शुक्रवार को 4,218.3 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर ने कहा, ‘11 घंटे की रुकावट के बाद अमेरिकी मार्केट में कारोबार फिर से शुरू होने पर सोने की कीमतों में 1% से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई। कमजोर डॉलर, कुछ फेडरल रिजर्व अधिकारियों की नरम टिप्पणियां और अगले महीने संभावित 0.25% ब्याज दर कटौती की उम्मीदों ने सोने की कीमतों को मजबूती दी।’ इस बीच, चांदी ने शानदार प्रदर्शन किया और सोने से बेहतर रहा।
एमसीएक्स पर पिछले सप्ताह चांदी के वायदा भाव में 17,104 रुपये यानी 10.83% की तेजी आई। विदेशी बाजार में, दिसंबर में आपूर्ति वाले अनुबंधों के चांदी के भाव में सप्ताहभर 6.53 डॉलर यानी 13.09% की बढ़ोतरी हुई और यह 56.44 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। शुक्रवार को यह 3.53 डॉलर यानी 6.68% बढ़कर 56.45 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड लेवल तक पहुंच गई। एमके वाई ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिसर्च एनालिस्ट रिया सिंह ने कहा, ‘फेड अधिकारियों की नरम टिप्पणियों और महत्वपूर्ण अमेरिकी आंकड़ों की देर से जारी होने से इन्वेस्टरों का विश्वास बढ़ा कि ऋण लागत घटेगी। इसके चलते स्वैप मार्केट अगले महीने 0.25% कटौती की 80 से 87% संभावना बता रहे हैं।’
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