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3 min read | अपडेटेड August 21, 2025, 12:53 IST
सारांश
Gold Price: साल 2025 में अभी तक सोने के दाम में जबर्दस्त उछाल देखने को मिली है। चाहे बात डोमेस्टिक मार्केट की हो या फिर इंटरनेशनल मार्केट की... सोने की चमक की धमक हर तरफ देखने को मिली है। इस बीच वेंचुरा सिक्योरिटीज ने गोल्ड प्राइस को लेकर कुछ प्रिडिक्ट किया है।

वेंचुरा ने प्रिडिक्ट किया है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत साल के अंत तक 3,00,000 रुपये पार कर जाएगी।
ग्लोबल आर्थिक प्रतिकूलताओं, जियो पॉलिटिकल रिस्क और मजबूत इन्वेस्टमेंट डिमांड से दिसंबर के अंत तक ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें 3,600 डॉलर (करीब 3,13,052 रुपये) प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। वेंचुरा सिक्योरिटीज ने यह बात कही है। वेंचुरा सिक्योरिटीज ने अपने लेटेस्ट प्रिडिक्शन में कहा कि कॉमेक्स सोना फ्यूचर्स साल के अंत तक 3,600 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगा, जो 7 अगस्त को 3,534.10 अमेरिकी डॉलर के ऑल-टाइम हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गया था। घरेलू मोर्चे पर अक्टूबर में आपूर्ति किए जाने वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट्स के फ्यूचर प्राइस 8 अगस्त को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 1,02,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाइ लेवल पर पहुंच गया था।
‘स्टॉक ब्रोकिंग’ कंपनी ने कहा, ‘अमेरिका की कमजोर वृद्धि, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पर निरंतर दबाव, ट्रेड टेंशन और बढ़े हुए जियो पॉलिटिकल रिस्क के कारण सोने में स्पष्ट अस्थिरता के साथ ऊपर की ओर बढ़ने का अनुमान है।’ ग्लोबल मांग के रुझान इस तेजी को और मजबूत कर रहे हैं। 2025 की दूसरी तिमाही में सोने की मांग सालाना आधार पर 3% बढ़कर 1,249 टन हो गई। इसकी वैल्यू 132 अरब अमेरिकी डॉलर थी, जो वैल्यू के लिहाज से 45% की वृद्धि दर्शाता है।
एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) के जरिए इन्वेस्टमेंट फ्लो खासतौर से मजबूत रहा है, 30 जून तक ग्लोबल गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग 16% बढ़कर 3,616 टन हो गईं। कंपनी ने कहा कि उनके एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) सालाना आधार पर 64% बढ़कर 383 अरब अमेरिकी डॉलर हो गए। इस बीच, भारत में भी ग्लोबल रुझान देखने को मिला।
घरेलू गोल्ड ईटीएफ में 30 जून तक के साल में ‘होल्डिंग’ 42% बढ़कर 66.68 टन हो गई, जबकि एयूएम लगभग दोगुना होकर 64,777 करोड़ रुपये हो गया। गोल्ड ईटीएफ में निवेशक खाते 41% बढ़कर 76.54 लाख हो गए, जो पिछले चार सालों में 317% की वृद्धि दर्शाता है। वेंचुरा ने कहा कि निवेशकों का व्यवहार बदल रहा है। युवा पीढ़ी ईटीएफ, आंशिक स्वामित्व और डिजिटल गोल्ड प्लैटफॉर्म जैसे सोने में निवेश के डिजिटल तरीकों को पसंद कर रही है। भौतिक आभूषणों की मांग मजबूत बनी हुई है। साथ ही ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों को मिलाकर हाइब्रिड रणनीतियां जोर पकड़ रही हैं।
वेंचुरा के जिंस प्रमुख एन.एस. रामास्वामी ने कहा, ‘मुद्रास्फीति के दबाव, अमेरिकी डॉलर में नरमी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के साथ हमें 2025 के बचे हुए हिस्से में सोने की कीमतों में निरंतर वृद्धि के आसार नजर आ रहे हैं।’ रामास्वामी ने कहा, ‘...यह दर्शाता है कि कॉमेक्स सोना साल के अंत तक 3,600 अमेरिकी डॉलर के स्तर को छू सकता है। इसे मजबूत ईटीएफ प्रवाह, केंद्रीय बैंकों की स्थिर खरीद और भारत के गोल्ड निवेश बाजार में मजबूत खुदरा भागीदारी से समर्थन मिलेगा।’
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